December 3, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

जातीय समीकरण की आग में सुलगने लगी सियासत

निर्मली:- निर्मली विधानसभा सीट पर चुनाव प्रचार परवान चढ़ने लगा है। मतदान में अब सिर्फ तीन दिन शेष रह गए हैं। क्षेत्र की भौगोलिक बनावट कोशी नदी के कारण बड़ी है जबकि अब समय काफी कम है। प्रत्याशी हर दरवाजे पर नहीं पहुंच सकते । लिहाजा मुद्दों को दर किनार कर चुनावी समर के महारथी इस चुनाव में भी धर्म -जाति की आग सुलगाकर राजनीतिक स्वार्थ की रोटियां सेंकने में व्यस्त हो गए हैं। इस बार अल्पसंख्यक मतदाता किसे वोट करेंगे राजद को या जदयू को । पिछड़ी जाति के मतदाता जदयू के साथ होंगे या राजद के साथ। यादव का वोट काटने में जदयू उम्मीदवार अनिरुद्ध यादव कितना कामयाब रहेंगे यह इस बार के विधानसभा में बहुत बड़ा सवाल है । अगड़ी जाति और अति पिछड़ी जाति पर इस बार भरोसा जताना कठिन है। निर्मली विधानसभा क्षेत्र अतिपिछड़ा बाहुल है। कोइरी, दलित -महादलित व मुस्लिम वोटरों की भी अच्छी -खासी संख्या है। यादव,अल्पसंख्यक राजद के साथ हैं। वैश्य ,अगड़ी जाति ,अतिपिछड़ी एनडीए गठबंधन जदयू के साथ हैं। राजद जहां जदयू के वोट बैंक में सेंधमारी की पुरजोर कोशिशें कर रह है। जदयू के रणनीतिकार अल्पसंख्यक और कोइरी मतदाताओं को राजद और रालोसपा से तोड़ कर अपने साथ जोड़ने के लिए जोर आजमाइश में लगे हैं। लोजपा उमीदवार गौतम कुमार उर्फ गौतम शेखर और रालोसपा उमीदवार अर्जुन मेहता जदयू के लिए मुश्किलें उतपन्न कर रहे हैं। रालोसपा उमीदवार अर्जुन मेहता किसी के लिए परिचय के मोहताज नहीं हैं वहीं जाप ,रालोसपा और लोजपा उम्मीदवार ने निर्मली विधानसभा के चुनाव को काफी रोमांचक बना दिया है। जदयू के लिए निर्मली प्रतिष्ठा का सीट बन गया है। सवाल यह उठता है कि क्या राजद उम्मीदवार यदुवंश कुमार यादव निर्मली विधानसभा सीट पर अपना परचम फहराने में कामयाब हो पाते हैं कि नहीं।

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