November 29, 2020

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आखीर ये कौन है बंगाल का लाला जो अवैध कोयला सिंडिकेट मालिक

धनबाद:- जीटी रोड पर निरसा और गोविंदपुर इलाके से पकड़े गए अवैध कोयला लदे ट्रकों के मालिकों और चालकों सहित 25 नामजद के खिलाफ थानों में प्राथमिकी दर्ज की गई है। अनूप मांझी उर्फ लाला और अल्ला रखा सहित, अल्ला रखा के मुंशी हुसैन, ट्रक लोडिंग कराने वाला छोटू और राजा को नामजद आरोपी बनाया गया है। इस मामले में अज्ञात को भी आरोपी बनाया गया है। मंगलवार को कोरोना जांच के बाद सभी ट्रक के चालकों को पुलिस ने जेल भेज दिया।

पुलिस ने जिस लाला पर शिकंजा कसा है वह बंगाल में अवैध कोयला सिंडिकेट का किंगपिन है। बंगाल में उसके इशारे पर ईसील की लीगल माइनिंग के साथ कई स्थानों पर अवैध खनन होता है। पुरुलिया में उसका हार्डकोक और स्टील प्लांट है। बताया जाता है कि अवैध धंधों से लाला ने अकूत संपत्ति कमाई है। पुलिस विभाग से लेकर दोनों राज्यों की राजनीतिक गलियारों में भी लाला की सेटिंग का सिक्का माना जाता रहा है। बंगाल में लाला से पहले झा जी का वर्चस्व था। लाला ने पिछले कुछ वर्षों में झा जी के सिंडिकेट को तोड़ कर अपना साम्राज्य कायम किया था। फिलहाल लाला के सिंडिकेट में अल्ला रखा, जगदीश तिवारी, दुर्गापुर का नारायण और असगर खान, परबलिया का मेजु खान और मैथन के योगेंद्र राय शामिल हैं। इसके अलावा बंगाल के कई और लोग लाला के साथ काम करते हैं। बंगाल में कोयला खपाने के बाद जो कोयला बचता है उसे बिहार और यूपी भेजा जाता है।

एक नवंबर से कोयला तस्करी की छूट की फैलाई गई खबर

डिस्को पेपर पर जीटी रोड होकर पासिंग का खेल पुराना रहा है। लेकिन पिछले कुछ समय से बड़े पैमाने पर खेल नहीं हो रहा था। छिटपुट ट्रकों को पास कराने के बाद धंधेबाजों का मनोबल बढ़ा और एक नवंबर की रात अंधाधुंध कोयले की खेप धनबाद के बार्डर में घुस गई। बताया जा रहा है कि कुछ ट्रक बेरोकटोक निकल गए तो किसी ने इसकी सूचना एसएसपी असीम विक्रांत मिंज को दे दी। उन्होंने आनन-फानन में टीम बना कर कार्रवाई कराई। इससे पहले यह बात फैलाई गई थी कि एक नवंबर से कोयला पासिंग की छूट दे गई है। हर स्तर पर सेटिंग हो गई है।

बिहार-यूपी के ईंट भट्ठों में खपता है बंगाल का स्टीम कोयला

बताया जा रहा है कि बंगाल के जमुड़िया, बोडरा, रानीगंज सलानपुर, आसनसोल, कुल्टी में डंके की चोट पर अवैध खनन होता है। इन स्थानों से कोयले को उत्तर प्रदेश के मोहनिया, सासाराम, मुगलसराय और बनारस के कोयला मंडियों में भेजा जाता है। बंगाल से निकलने वाले स्टीम कोयले को अच्छे कीमत पर बिहार और उत्तर प्रदेश के ईंट भट्ठों में बेचा जाता है। इस खेल में कोयला माफियाओं से लेकर पुलिस और नेताओं की जेब गरम की जाती है।

झारखंड में पैड की कीमत एक लाख 33 हजार

पुलिस जांच में पता चला है कि कोयले की सारी सेटिंग पैड के आधार पर होती है। बंगाल में पैड की कीमत एक लाख तीन हजार रुपए तय है जबकि झारखंड में पैड की कीमत एक लाख 33 हजार रुपए है। पैड की कीमत से लेकर बंगाल, बिहार और झारखंड के जिलों में पुलिस की सेटिंग का काम लाला के ही जिम्मे है।

कोयला तस्करी किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं की जाएगी। टीम ने ट्रकों को दबोच कर अच्छा काम किया है। अवैध कोयले के धंधे में शामिल हर आदमी सलाखों के पीछे होगा।

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