November 24, 2020

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किशनगंज में चुनाव के स्टार प्रचारक पर पत्थरबाजी गैंग की सक्रियता से किस पार्टी का भला 

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किशनगंज:-  किशनगंज में पत्थरबाजी गैंग की सक्रियता से किस पार्टी का बिहार विधानसभा 2020 में होगा भला? भारतीय लौकतंत्र में केंद्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन -2 की केन्द्र सरकार के द्वारा राष्ट्रहित में लिए गये लगातार फैसले के बाद विरोधी गैंग के फुलवामां हमले, कश्मीर में धारा -370 व 35 ए सहित सीएए का विरोध कर सियासी जमीन तैयार कर बिहार के सीमांचल जिला में भी लंबी चली आन्दोलन को चीनी वायरस कोविड-19 महामारी में लॉकडाउन से विरोध ठंडा हो गया था।
लेकिन आॅल इंडिया मजलिस-ए -इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) पार्टी के हैदराबादी सांसद असुरूद्दीन औवैसी आसन्न बिहार विधानसभा चुनाव के चुनावी मैदान में सीएए का विरोध का सुर को तेज करने से महागठबंधन सहित अन्य विरोधियों के लिए खतरा तो नहीं, क्योंकि इस आंदोलन में करीब-करीब केंद्र सरकार के सभी विरोधी पार्टी शामिल थे। इन राजनैतिक दलों के नेताओं को पाकिस्तानी सांसद में हालिया खुलासा से चुपी सामने आने से राजनैतिक पार्टियों के लिए अपने -अपने पार्टी से बहुसंख्यक सेकुलर मतदाता के खिसनने का भय तो नहीं सताने लगा है। 
जिसे एआईएमआईएम पार्टी के सांसद औवैसी भली भाँति समझकर ही यहाँ के मुस्लिम बाहुल मतदाता को अपने पार्टी के पक्ष में करने की कोशिश से नुकसान यहां के तीसरे चरण के चुनाव तिथि 7 नवम्बर के मतदान में तो नहीं होंगे। परन्तु केन्द्र सरकार के विरोधी गैंग पार्टी मान बैठे थे कि बिहार विधानसभा चुनाव आम चुनाव के लिए सियासी जमीन कोविड महामारी से पहले ही सीएए का विरोध से तैयार हो गया था। और यहीं विरोध मुद्दा को फिर से उछालने की बात को सांसद औवैसी ने अपने पार्टी के लिए जो चुनावी दाँव खेला है। जिसके कारण ही औवैसी को अन्य प्रमुख विरोधी पार्टी अपने लिए खतरा तो नहीं मान लिया है। कहीं इसीलिए पत्थरबाजी तो नहीं? यहां के सेकुलर बहुसंख्यक मतदाताओं के बल पर हमेशा से चुनाव वाले राजनैतिक पार्टी अपने लिए एआईएमआईएम को खतरा तो नही समझने लगे है। कहीं इसीलिए औवैसी के एआईएमआईएम पार्टी के स्टार प्रचारक को चुनावी सभा से लौटते हुए रास्ते में पत्थरों का सामना करना पड़ रहा है।
   एक घटना का महाराराष्ट्र में सांसद सह एआईएमआईएम पार्टी के यहां स्टार प्रचारक इम्तियाज जलील ने एक आवासीय हॉटेल में रविवार देर शाम को खुलासा भी किया की जो पुर्णिया जिला के अमौर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के विधायक सह पार्टी के प्रत्याशी भी है। उसी क्षेत्र से चुनाव प्रचार कर लौटते वक्त हमारे वाहनों के काफिले पर पथराव हो जाता है, जिसमें हमारे कई लोगों को घायल भी कर दिया है। जिसकी शिकायत भी  जिला पुलिस अधीक्षक को किया गया है। मामले में पुलिस जांच और कार्यवाही का आश्वासन भी दिया है।
महाराष्ट्र के एआईएमआईएम पार्टी के सांसद जलील ने कहा है कि जिनके क्षेत्र में चुनावी सभा के लिए गया था उनके एक नेता महागठबंधन में  किशनगंज लोकसभा में सांसद भी है ।क्या पार्टी के बुलाने पर अन्य राज्यों के सांसद या विधायक चुनाव प्रचार में नहीं जा सकता है? ऐसा तो भारतीय चुनाव आयोग के गाइड लाइन में भी मनाही नही हैं।कोई भी उनके पार्टी के नेता कहीं के लिए प्रचार में जा सकता है ।क्या यहां जंगलराज तो नहीं? फिर हमलोगों पर हमला क्यों? इस घटना के खुलासा के बाद पुलिस जांच में जुटे हैं।
संवाददाता सुबोध

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