December 3, 2020

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ठाकुरगंज में एनआरसी-सीएए के हिंसक प्रदर्शन में शामिल लोगों की तलाश में बजी डुगडुगी, नोटिस चस्पा

लखनऊ:- राजधानी के परिवर्तन चौक पर एनआरसी-सीएए का विरोध करते हुए हिंसक प्रदर्शन को एक वर्ष होने जा रहा है। अभी भी बहुत सारे उपद्रवी यूपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। शहर के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में आज ऐसे 16 उपद्रवियों की तलाश में पुलिस ने डुगडुगी बजाकर उनके घरों के मुख्य द्वार पर धारा 82 के तहत नोटिस चस्पा करायी गयी। लखनऊ में 19 दिसंबर 2019 को सीएए और एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन में कट्टरपंथी संगठन और गैर रजिस्टर्ड निजी संस्थानों के कर्मचारियों सहित हजारों लोग शामिल हुए थे। इस प्रदर्शन में जमकर हिंसा की गयी थी और कई निजी चैनलों के वाहनों को जलाया गया था। साथ ही सरकारी सम्पत्ति का भारी नुकसान किया गया था। घटना के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त कदम उठाये जाने पर लखनऊ पुलिस ने हिंसा करने वालों को चिंहित कर के उनके विरुद्ध अलग-अलग थानों में मुकदमा पंजीकृत कराया था। इसके साथ ही शहर के विभिन्न हिस्सों में होर्डिंग लगायी गयी थी। शहर के अलग-अलग थानों में दर्ज मुकदमों में पुलिसक र्मियों ने गिरफ्तारियां कीं लेकिन बहुत संख्या में हिंसा करने वाले पुलिस की पकड़ से बाहर रहे। हिंसा करने के बाद से फरार चल रहे उपद्रवियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का आदेश ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर नवीन अरोड़ा ने पिछली बैठक में दिया। इसके बाद फिर से थानों की पुलिस सक्रिय हुई है और इसी क्रम में ठाकुरगंज क्षेत्र में फरार 16 प्रदर्शनकारी लोगों की तलाश में 82 की नोटिस करायी गयी है। जो फरार लोग स्वयं से प्रस्तुत नहीं होते है तो आगे 83 की नोटिस कर पुलिस उनके सम्पत्ति की कुर्की करेगी। पिछले वर्ष दिसंबर में हुए प्रदर्शन के दौरान शहर के 12 थाना क्षेत्रों में कुल 63 एफआईआर दर्ज कराई गई। इस घटना के छह माह पूर्व लखनऊ पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया और 287 आरोपी बनाये। इसके अतिरिक्त 18 आरोपियों पर रासुका लगाने की मांग रखी। आरोप पत्र में हिंसा करने के दौरान तोड़फोड़, आगजनी, मारपीट, लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम व सरकारी कार्य में बाधा करना बताया गया था।

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