November 26, 2020

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बिहार विधानसभा चुनाव 2020: दूसरे चरण के मतदान से पहले थमा चुनावी शोर

पटना:- बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान में जिन 94 सीटों पर 3 नवंबर को मतदान होना है, वहां रविवार की शाम चुनाव प्रचार थम गया । चुनाव प्रचार के आखिरी दिन रविवार को सभी पार्टियों के दिग्गज नेताओं ने जमकर चुनावी रैलियां कीं। राज्य के कुल 17 जिलों की 94 विधानसभा सीटों पर मंगलवार को मतदान होना है। दूसरे चरण के मतदान में मतदाता 1463 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। दूसरे चरण में कुल 1316 पुरुष उम्मीदवार, 146 महिला और एक थर्ड जेंडर प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। कुल 94 विधानसभा सीटों में से जिन सीटों पर 3 नवंबर को शाम 4 बजे तक वोटिंग होगी, वहां रविवार की शाम 4 बजे चुनाव प्रचार खत्म हो गया जबकि जिन सीटों पर शाम 6 बजे तक मतदान होना है, वहां शाम 6 बजे के बाद चुनाव प्रचार समाप्त हुआ है। चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद इन सीटों पर प्रत्याशी केवल व्यक्तिगत जनसंपर्क ही कर पाएंगे। किसी भी तरह की चुनावी सभा और प्रचार पर रोक रहेगी। दूसरे चरण में जिन दिग्गजों की किस्मत का फैसला होना है, उनमें बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नंदकिशोर यादव, मंत्री राणा रणधीर सिंह के साथ-साथ जदयू नेता और संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार और मंत्री महेश्वर हजारी शामिल हैं। इनके अलावा पटना की सभी शहरी सीटों पर भी 3 नवंबर को ही वोट पड़ेंगे। राघोपुर विधानसभा क्षेत्र में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की किस्मत का फैसला भी इसी चरण में होना है। साथ ही उनके बड़े भाई तेजप्रताप यादव भी समस्तीपुर के हसनपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। दूसरे चरण में जनता दल यूनाइटेड के कुल 43, भाजपा के 46, कांग्रेस के 24, राजद के 56, लोजपा के 52, रालोसपा के 36, भाकपा के 4, माकपा के 4, बसपा के 33 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के 29 उम्मीदवारों की किस्मत तय होगी। वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव के नतीजों को देखें तो जिन 94 सीटों पर मंगलवार को मतदान होना है, उन 94 सीटों में का गणित कुछ इस प्रकार है। इन 94 सीटों में फिलहाल राजद के पास 31, जदयू के पास 30, भाजपा के पास 22, लोजपा के पास दो और कांग्रेस के पास 7 सीटें हैं। यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि तब बिहार की राजनीतिक तस्वीर कुछ अलग थी। तब जदयू ने राजद के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। लेकिन इस बार की तस्वीर बिलकुल अलग है। इस बार जदयू भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ रहा है जबकि एनडीए की छतरी के नीचे जीतनराम मांझी की हम पार्टी और मुकेश सहनी की वीआईपी भी शामिल है।

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