November 29, 2020

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वर्क फ्रॉम होम के दौरान इंजीनियर्स कर रहे कई चुनौतियों का सामना

नई दिल्ली:- अधिकांश इंजीनियर्स ने वर्क फ्रॉम होम की वकालत की है लेकिन इसमें से 37 फीसदी इंजीनियर्स वर्क फ्रॉम होम के दौरान चुनौतियों का सामना कर रहा हैं। खासतौर पर काम के घंटे बढ़ने पर यह इंजीनियर तनाव महसूस कर रहे हैं। आईपी ड्राइवन इन्कयूबेशन लैब ब्रिजलैब्ज के सर्वे में यह बात सामने आई है। सर्वे के मुताबिक, प्रोफेशनल अनुभव के बावजूद 64 फीसदी इंजीनियर्स ने रिमोट वर्किंग को आसान बताया है। वहीं 36 फीसदी ने इसे चुनौतीपूर्ण बताया है। यह ऑनलाइन सर्वे ब्रिजलैब्ज के 1000 से ज्यादा एल्युमिनी पर 16 से 28 अक्टूबर के बीच किया गया है। इस सर्वे में 1 साल से कम से लेकर 5 साल से ज्यादा तक अनुभव वाले इंजीनियर्स को शामिल किया गया है। इस सर्वे में वर्क फ्रॉम होम की कोशिश के दौरान ‘घर पर काम को संतुलित करने की कोशिश’ सबसे पॉपुलर जवाब बनकर सामने आया है। सर्वे में शामिल 58 फीसदी एम्पलॉयी ने कहा कि हेल्थी वर्क-लाइफ बैलेंस को बनाए रखने के लिए वे लगातार घरेलू कार्यों में हिस्सा लेते हैं।

22% इंजनियर साथियों से कॉन्टैक्ट बनाते हैं

सर्वे के मुताबिक, रिमोट वर्किंग के दौरान 22% इंजीनियर अपने साथियों से कॉन्टैक्ट बनाते हैं। वहीं शेष 20% इंजीनियर आराम के लिए लगातार ब्रेक लेते रहते हैं। सर्वे के मुताबिक, टेली वर्किंग के दौरान 37% इंजीनियर काम के घंटों में बढ़ोतरी को सबसे बड़ी बाधा मानते हैं। 29% इंजीनियर लगातार टेक्नीकल एरर और खामियों का सामना करते हैं।

5 साल से ज्यादा अनुभव वालों को तकनीकी समस्या सबसे ज्यादा

सर्वे में सामने आया है कि 5 साल से ज्यादा अनुभव वाले करीब 40% इंजीनियर अपने साथियों के मुकाबले ज्यादा तकनीकी समस्या का सामना करते हैं। इसके अलावा सर्वे में इंजीनियर्स ने सहकर्मी (20%) और ध्यान की कमी (13%) को भी अन्य चुनौती के तौर पर रिपोर्ट किया है।

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