November 29, 2020

अनावरण न्यूज़

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ईद-उल-मिलादुन्नबी के मौके पर मजार पर दीया जलाता युवक

धनबाद:- इस्लाम धर्म के आखिरी संदेशवाहक हजरत मोहम्मद के जन्मदिन के अवसर पर शुक्रवार को ईद-उल-मिलानदुन्नबी कोयलांचल में पूरी सादगी के साथ मनायी गई। इस दौरान ना तो शहर में कहीं जुलूस निकाला गया और ना ही किसी प्रकार का आयोजन हुआ। मुस्लिम समुदाय के लोग मजार पहुंचे और यहां दुआ की। पर्व को लेकर धनबाद स्टेशन के पास स्थित मजार पर लोग जुटे थे। अगरबत्ती जलाया और अमन शांति की दुआ की। इसके साथ ही हजरत मोहम्मद के संदेश को पढ़ा गया ओर उस पर अमल करने की सलाह दी गई। हजरत मोहम्मद ने जो सामाजिक कार्य किए उन्हें भी याद किया गया।

बता दें कि कोविड संक्रमण को लेकर पर्व के मौके पर नौजवान कमेटी ने शहर के लोगों से सादगी के साथ पर्व मनाने की अपील की थी। वहीं जिला प्रशासन की ओर से भी आयोजन पर रोक लगाया गया था। लोगों ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए कमेटी और प्रशासन की बातों पर अमल किया। ईद-उल-मिलानदुन्नबी के दिन वासेपुर, नया बाजार, पांडर पाला समेत पूरे जिले में मज़ार सरीफ पर दुआ मांगी गई। इस दौरान सोशल डिस्टेंस का भी पालन किया गया। धनबाद के मुस्लिम बहुल क्षेत्र वासेपुर से भी लोग सादगी से ईद-उल-मिलानदुन्नबी मना रहे हैं। हालांकि, हर साल की तरह इस बार यहां भी जुलूस निकलने पर रोक है।

तीन तरह की मनायी जाती है ईद : इस्लामी कैलेंडर के अनुसार, साल में तीन तरह से ईद मनायी जाती है। पहली ईद रमजान के समाप्ति पर आती है। इसके बाद बकरीद और फिर ईद-उल- मिलानदुन्नबी आती है। इसी दिन इस्लाम धर्म के संस्थापक हजरत मोहम्मद साहब का जन्म हुआ था। इस्लाम में बेहद महत्वपूर्ण यह दिन इस्लामी कैलेंडर के तीसरे महीने रबी-उल-अव्वल के 12वें दिन मनाया जाता है।

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