December 4, 2020

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हैदराबाद के सांसद औवैसी के ताबड़तौड़ चुनावी रैली को किशनगंज की जनता क्या सम्मान देगी

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किशनगंज:-  बिहार के सीमांचल जिला में अंतिम चरण की मतदान तिथि 7 नवम्बर के लिए हैदराबाद से बुधवार को किशनगंज पहुँचे, सांसद असरूद्दीन औवैसी अपने पार्टी के विधानसभा क्षेत्र संख्या -54 से अपने सीटिंग विधायक मो.कमरूल हुदा सहित अन्य तीन विधानसभा क्षेत्र संख्या -55,53 एवं 52 में अपने पार्टी के प्रत्याशी के लिए झोंकी ताकत।
यहां शहर के लहरा चौक में चुनावी दौरा के लिए बनाए गए हैली पेड पर उनका हैलीकाॅपटर खड़ा रहता है और शहर के चुड़ी पट्टी स्थित एआईएमआईएम के प्रदेश कार्यालय से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल इमान के साथ चुनावी रणनीति के तहत क्षेत्र भ्रमण के लिए लहरा चौक के पास हैलीपेड तक जब पहुंते हैं सांसद औवैसी तो वहां पहले से हैलीकाॅपटर के उड़ान देखने तथा लैंड करने के वक्त हजारों की संख्या में लोगों की हूजूम देखकर उन्हें खुशी जरूर होती होगी कि यहां के मुस्लिम बाहुल क्षेत्र में हमारा सिक्का जमने को तैयार है। इसीलिए चुनावी दौरा का यहां केंद्र ही बना लिया गया है। यह शिलशिला चुनाव प्रचार थमने तक यहां रहने वाली है । यहां की चुनावी समर में सांसद औवैसी के ताबड़तौड़ रैली से क्या यहां की जनता उनको पुनः सम्मान देगी यह बड़ा सवाल है।
यह बात भी सही है कि वर्ष 2019 में भारतीय कांग्रेस पार्टी के क्षेत्र संख्या-54 के तत्कालीन विधायक डॉ. मो.जावेद आजाद ने ही यहाँ के लोकसभा सांसद बनने के बाद खाली हुए विधानसभा उपचुनाव में उनके पार्टी के कमरूल हुदा को तत्कालीन विधायक बनाने में बनी बनाए मौका का लाभ स्थानीय जनता ने दे दिया था । जिसमें सांसद डॉ आजाद साहब की परिवारवाद को लोगों ने सिरे से नाकार दिया था और बिहार में एआईएमआईएम पार्टी के एकलौला विधायक बनने के खामियाजा न कि सिर्फ कांग्रेस पार्टी को होंगे बल्कि यहां बाहदुरगंज से सीटिंग विधायक तौसिफ आलम ,कोचाधामन से जनता दल यूनाइटेड मास्टर मुजाहिद आलम एवं ठाकुरगंज के जदयू के सीटिंग विधायक नौसाद आलम के लिए भी आसन्न विधानसभा चुनाव में अपने -अपने क्षेत्र से पुनः विधानसभा पहुँच पाएंगे या नही यहां यह चुनौती से कम नही हैं, क्योंकि औवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के अभ्यार्थी भी प्रत्येक विधानसभा में खड़ा है और उनकी जीत को सुनिश्चित करने में सांसद औवैसी को लगता होगा कि बिहार में किशनगंज की जनता ने हमारे पार्टी के विधायक कमरूल हुदा को यहां उपचुनाव में विधायक बनाकर जो सम्मान दिया है वह सम्मान कम से कम सीमांचल में बनी रह जाएगी और एक से भले दो भी विधायक चुना गया तो यहां की जनता में उनका सम्मान बना रह जाएगा। इसीलिए शायद सारा ध्यान उनकी पार्टी के नेताओं को जीत दिला पाने के लिए यहां के चुनावी जंग में सांसद औवैसी उनके स्टार प्रचारक बनकर अपना प्रभाव डालने में लगे हैं और यहां औवैसी अपना केंद्र ही बनाकर ताबड़-तौर चुनावी रैली में लगे हुए हैं क्या उनके द्वारा यहां के मुस्लिम बाहुल मतदाता में पुनः सिक्का जम सकेंगे यह तो यहां के मतगणना की तिथि 10 नवम्बर 2020 को ही स्पष्ट हो पाएगी।

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