November 30, 2020

अनावरण न्यूज़

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धनबाद के विभिन्न दुकानों में जांच करते नगर निगम के कर्मचारी

धनबाद:- नगर निगम क्षेत्र में स्लाटर हाउस में मीट और चिकन कटने के बाद ही दुकानों में बेचे जाने का नियम है। नगर निगम के फूड सेफ्टी विभाग ने शुक्रवार को हीरापुर और पार्क मार्केट में कई मीट दुकानों में छापेमारी की। इस दौरान कई दुकानदार अपनी दुकान बंद कर भाग खड़े हुए।

फूड सेफ्टी विभाग के अनिल कुमार ने बताया कि स्लाटर हाउस में कटा हुआ मांस ही दुकानों में बिक्री किया जाएगा। जिस पर खाद्य सुरक्षा विभाग की मोहर लगी होगी। अभी भी दुकानों के भीतर ही मुर्गे और बकरे काटे जा रहे हैं। नालियों में इनका खून बहाया जा रहा है। मीट मुर्गा दुकानों को नगर निगम से एनओसी और संचालन के लिए सहमति आदेश भी लेना होता है। अधिकतर दुकानों ने यह नहीं किया है। टीम की आने की सूचना से ही दुकानदारों ने दुकानें बंद कर दी। टीम के जाने के कुछ देर बाद कुछ दुकानों के शटर आधे खुल गए थे। क्षेत्र में करीब 50 इस तरह की दुकानें हैं। इन दुकानदारों का कहना है कि क्षेत्र में स्लाटर हाउस नहीं है। अगर स्लाटर हाउस की व्यवस्था ही नहीं होगी तो अधिकारियों के आदेश का कैसे पालन हो पाएगा।

खुले में बिक रहा मांस: हीरापुर और पार्क मार्केट की मीट दुकानों में कहां से मांस आ रहा है या कैसे जानवर को काटा जा रहा है, इसकी जानकारी न तो लोगों को होती है और न ही निगम को। विभाग भी इस ओर बेपरवाह बना हुआ है। ग्रामीण क्षेत्र के बाजार में बिना जांच के मांस बेचा जा रहा है। मांस विक्रेता अपने घर या दुकान के पास खाली पड़ी जगहों में पशुओं को काटकर उनका मांस दुकानों तक पहुंचा देते हैं। नियमों के लागू न होने से खुले में जानवरों के कटने से गंदगी तो फैलती ही है, साथ ही यह सुनिश्चित नहीं होता कि जिस जानवर का मांस बिक रहा है वह स्वास्थ्य के लिहाज से ठीक है भी या नहीं। मांस की दुकानों के आसपास उठने वाली दुर्गन्ध भी लोगों को परेशान करती है। मीट की बिक्री के लिए कड़े नियम अवश्य बनाए गए हैं पर उनका खुला उल्लंघन हो रहा है़।

मीट दुकान के लिए नियम

सड़क से दुकान के अंदर की गतिविधि दिखाई नहीं देनी चाहिए और मांस भी खुले में नजर नहीं आना चाहिए। औजार अच्छे तरीके से साफ करने के बाद ही जानवरों काटा जाना चाहिए, ताकि किसी प्रकार का संक्रमण न हो।
मिठाई और लिट्टी दुकानों की भी हुई जांच : निगम के फूड सेफ्टी विभाग ने सिर्फ मीट चिकन दुकानों की नहीं, बल्कि खानपान की दुकानों को भी जांच की। इसमें लिट्टी दुकान, मिठाई दुकान और सड़क किनारे ठेले खोमचे वाले भी शामिल थे। सभी को साफ सफाई करने की हिदायत दी गई। साथ ही सड़क पर कचरा ना फेंकने का निर्देश दिया गया। अगली जांच में अगर सड़क पर कचरा पाया गया तो एक हजार का फाइन किया जाएगा।

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