November 25, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

कारगिल युद्ध को लेकर नवाज शरीफ ने खोली पाक सेना की पोल, दिया ये बड़ा बयान

इस्लामाबाद:- पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने रविवार को करगिल युद्ध को लेकर बड़ा खुलासा किया है। नवाज ने दावा किया है कि करगिल युद्ध में सैनिकों के पास हथियार नहीं थे , मगर कुछ जनरलों ने युद्ध में झोंक दिया। इस खुलासे के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की फजीहत हो सकती है। बता दें कि करगिल युद्ध के दौरान नवाज शरीफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री थे। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने करगिल युद्ध के लिए पूर्व सैन्य तानाशाह परवेज मुशर्रफ को जिम्मेदार ठहराया है। शरीफ रविवार को विपक्षी दलों द्वारा आयोजित सरकार के खिलाफ रैली में शामिल हुए थे। पाक में इमरान सरकार के खिलाफ 11 विपक्षी दलों ने मिलकर पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) बनाया है। बता दें कि 1999 में हुए करगिल यु्द्ध में पाकिस्तान को हार का सामना करना पड़ा था। शरीफ ने रैली को वीडियो लिंक के जरिए संबोधित करते हुए कहा, ‘पाकिस्तान की सेना ने कारगिल में बर्फ से ढके पहाड़ों में लड़ाई लड़ी थी, जहां जीत का कोई मौका नहीं था। यहां हमारे जवान निहत्थे थे। उन्होंने कहा, ”वह पल मेरे लिए काफी अफसोसजनक था, जब मुझे मालूम हुआ कि हमारे जवानों को बिना भोजन के चोटियों पर भेज दिया गया। यहां तक कि उनके पास हथियार भी नहीं थे। उन्हें अपने जिंदगी से हाथ धोना पड़ा। लेकिन देश और समुदाय को इससे क्या मिला?” उन्होंने कहा, वो लम्हा मेरे लिए तकलीफ का था ,जब मुझे मेरे बहादुर सिपाहियों ने बतााया कि करगिल की ऊंची चोटियों पर खुराक तो दूर की बात हथियार तक नहीं भिजवाया गया। उन्होंने कहा, इसके पीछे कुछ किरदार शामिल थे, जिन्होंने खुद को बचाने के लिए सेना और देश को युद्ध की आग में झोंक दिया। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री शरीफ ने क्वेटा में विपक्षी दलों के तीसरे सबसे बड़े सरकार विरोधी जलसे के दौरान ये बातें कहीं। इसके साथ ही नवाज शरीफ ने पाकिस्तान के मौजूदा हालात के लिए एक बार फिर सेना प्रमुख बाजवा और आईएसआई प्रमुख फैज हमीद को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “इस बात का सबूत है कि परवेज मुशर्रफ के बैंक खातों में करोड़ों रुपये हैं, लेकिन इमरान खान और एनएबी को इस पर जांच करने की हिम्मत नहीं है। कठपुतली स्थापित करने का सेना का निर्णय नहीं था। हमारे सवालों का जवाब सेना के द्वारा नहीं बल्कि जनरल क़मर बाजवा, जनरल फैज़ हामिद द्वारा दिया जाना चाहिए।

Recent Posts

%d bloggers like this: