November 27, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

राजनाथ सिंह ने गंगटोक-नाथुला वैकल्पिक मार्ग का उद्घाटन किया

एनएच-310 पूर्वी सिक्किम के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों की जीवन रेखा

बीआरओ ने पूर्वी क्षेत्र के निवासियों और सेना की आकांक्षाओं को पूरा किया

नई दिल्ली:- उत्तर-पूर्व क्षेत्र में परिचालन स्थिति और सैन्य तैयारियों की समीक्षा करने के दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन रक्षा मंत्री राजनाथ ने रविवार को सुकना में 33 कोर मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सिक्किम सेक्टर में राष्ट्रीय राजमार्ग-310 के गंगटोक-नाथुला वैकल्पिक मार्ग का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि गंगटोक से नाथूला को जोड़ने वाला एनएच-310 पूर्वी सिक्किम के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों की जीवन रेखा है। 19.35 किलोमीटर लम्बे वैकल्पिक मार्ग का निर्माण करके सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने पूर्वी सिक्किम के निवासियों और सेना की आकांक्षाओं को पूरा किया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि पुराने वैकल्पिक मार्ग एनएच-310 पर भारी मात्रा में भूस्खलन और सिंकिंग की संभावनाओं वाला क्षेत्र है। इससे बरसात के मौसम में यहां के लोगों और सेना को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अब यह 19.35 किलोमीटर वैकल्पिक मार्ग बनने से ये दिक्कतें दूर हो सकेंगी। मैं आप सबको यह भी बताना चाहता हूं कि बीआरओ सिक्किम की अधिकांश सीमावर्ती सड़कों का डबल लेन में उन्नयन कर रहा है। इसमें से पूर्व सिक्किम में 65 किलोमीटर सड़क निर्माण-कार्य प्रगति पर है और 55 किलोमीटर सड़क निर्माण योजना के तहत है। नॉर्थ सिक्किम में भारतमाला परियोजना के अंतर्गत चु मगन- चुगथांग- यूमेसेमडोंग और चुगंथांग- लाचेन- गामा- मुगुथांग- नचुला 225 किलोमीटर डबल लेन सड़क का निर्माण कार्य नियोजित है। ये कार्य 9 पैकेजों में नियोजित किए गए हैं जिनकी अनुमानित लागत 5710 करोड़ रुपये है। रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के दिशा-निर्देश में पूर्वोत्तर राज्यों में बुनियादी ढांचे के निर्माण में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बीआरओ के पास पूर्वोत्तर क्षेत्र में कुल 8090 किमी. लम्बाई की सड़कें हैं। इनमें से 5734 किमी. निर्माण योजना में है। पैकेज 1 की स्वीकृति शीघ्र ही होने वाली है। शेष पैकेज के डीपीआर में है। इस प्रोजेक्ट में आधुनिक तकनीक से बनी सड़कों से नॉर्थ सिक्किम के दूर-दराज के इलाके जोड़े जायेंगे। इससे न केवल स्थानीय सामाजिक एवं आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा बल्कि सैन्य तत्परता भी बेहतर होगी। हमारी सरकार का शुरू से ही देश के सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क, पुल, सुरंग एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर ध्यान केन्द्रित रहा है। सड़कें किसी भी राष्ट्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि कुछ समय तक पहले तक हमारे यहां एक विषम धारणा थी कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों का विकास हमारे हित में नहीं है। समझा जाता था कि सीमा की सड़कें विपरीत परिस्थितियों में हमारा ही नुकसान कर सकती हैं। हमने इस धारणा को तोड़ा और सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास की नई रहें खुलीं। प्रधानमंत्री नियमित रूप से इन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं और हर समय निधि प्रवाह सुनिश्चित किया जा रहा है। संगठन का वार्षिक बजट आज से पांच-छह साल पहले तक तीन से चार हज़ार करोड़ के बीच हुआ था, अब वह 11000 करोड़ रुपये तक हो चुका है। उन्होंने सिक्किम राज्य सरकार के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री, उनके मंत्रिमंडल और अधिकारियों का योगदान प्रशंसनीय है। बीआरओ को सड़क निर्माण के लिए शीघ्र भूमि अधिग्रहण, वन विभाग से मंजूरी और पत्थर खदान की स्थापना में आप लोगों का विशेष सहयोग मिला। इससे पूर्व रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने दार्जिलिंग में सुकना युद्ध स्मारक में शस्त्र पूजन किया। आज सुबह दार्जिलिंग में सुकना युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की और जवानों को संबोधित किया। उनके साथ सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे भी उपस्थित रहे। उन्होंने पूजन के बाद कहा कि भारतीय सेना के जवानों से भेंट करके मुझे हमेशा बेहद ख़ुशी होती है। उनका मनोबल बहुत ऊंचा रहा है, इसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए कम है। भारत चाहता है कि तनाव ख़त्म हो और शांति स्थापित हो। मैं पूरी तरह आश्वस्त हूं कि हमारी सेना भारत की एक इंच ज़मीन भी दूसरे के हाथ में नहीं जाने देगी।

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