November 26, 2020

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बिरसा हरित ग्राम योजना से पलामू के किसान एवं दीदी बाड़ी से महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर

563.5 एकड़ भूमि पर हुई आम एवं मिश्रित फल की बागवानी

मनरेगा के अंतर्गत एक दिन में 76 हजार 89 मानव दिवस सृजन

मेदिनीनगी:- सरकार की बिरसा हरित ग्राम योजना से पलामू के किसान आत्मनिर्भर बन रहे हैं। वहीं दीदी बाड़ी योजना से सखी मंडल की महिलाएं आत्मनिर्भर-स्वावलंबी बन रही हैं। इन योजनाओं का क्रियान्वयन मनरेगा के अंतर्गत किया जा रहा है। बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत पलामू जिले में 563.5 एकड़ भूमि पर आम एवं मिश्रित फल की बागवानी की गई है। जहां 63 हजार से अधिक आम एवं मिश्रित फल के पौधे के अलावा 45 हजार इमारती पौधे लगाये गये हैं। इसमें 563 लाभुक सीधे रूप से जूटे हैं। आम बागवानी निर्धारित मानक के अनुरूप लगाये गये हैं, जो तीन वर्ष में फल देना प्रारंभ करेगा। पलामू को एक दिन में 76 हजार 89 मानव दिवस श्रृजन करने का गौरव प्राप्त हुआ है। एक दिन में 76 हजार 89 मानव दिवस श्रृजन कर पलामू राज्य में तीसरे स्थान पर पहुंच गया, जो बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। जिले में 2 लाख 45 हजार 986 सक्रिय मजदूर हैं। मनरेगा के तहत जिले के विभिन्न पंचायतों में प्रतिदिन औसतन 55 हजार मजदूर कार्य कर रहे हैं। 18 सितंबर से 22 अक्टूबर 2020 के बीच अभियान के दौरान 9 लाख 86 हजार 617 मानव दिवस सृजन किया गया गया है, जो लक्ष्य के अनुरूप 90 फीसदी उपलब्धि रहा है।

मनरेगा के तहत इन कार्यो को किया जा रहा क्रियान्वित

मनरेगा के तहत पलामू में मुख्य रूप से पौधरोपण-बागवानी, मेड़बंदी, टीसीबी निर्माण, शॉक-पिट निर्माण, कंपोस्ट पिट का निर्माण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, खेल मैदान, दिदी बाड़ी का निर्माण आदि कार्य कराये जा रहे हैं।

मनरेगा से मिल रहा रोजगार, बागवानी से हरियाली व स्वालंबन

मनरेगा योजना से लोगों का रोजगार श्रृजन हो रहा है। मनरेगा योजना के क्रियान्वयन से एक ओर जहां बड़े पैमाने पर ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीण एवं कोरोना संक्रमण के दौरान दूसरे राज्यों से आने वाले पलामू के श्रमिकों को उनके अपने गांव-घर में ही रोजगार मिल रहा है। वहीं दूसरी ओर बिरसा हरित ग्राम योजना के अंतर्गत पौधरोपण-बागवानी से पलामू में हरियाली आयेगी। साथ ही इससे किसानों की आजीविका सुदृढ़ होगी और वे स्वावलंबी बन सकेंगे। बागवानी में गुणवतापूर्ण किस्म के पौधे लगाये गये हैं, जो अगले तीन वर्षो में फल देने लगेगा। इससे फल के लिए दूसरे राज्यों, जिलों पर आश्रित नहीं होना होगा। पलामू के किसानों द्वारा उपजाये गये फलों का लाभ पलामूवासी ले सकेंगे। इसके अलावा किसान बागवानी परिसर में वैक्लिपक खेती/मिश्रित खेती भी कर रहे हैं। इसके तहत विभिन्न हरी साग-सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं, जिससे एक ओर उन्हें भोजन में हरी-ताजी साग सब्जियों से पोषक तत्वों की प्राप्ति हो रही है, वहीं दूसरी ओर यह भी किसानों के आय का जरिया बन रहा है।

दीदी बाड़ी में 23 हजार 233 लाभुक चिन्हित

मनरेगा के अंतर्गत चल रही दीदी बाड़ी योजना के लिए पलामू जिले में 23,233 लाभुकों को चिन्हित कर लिया गया है। इसमें जिले का लक्ष्य 32,000 है। वहीं 4,000 योजनाएं स्वीकृत किया गया है। जिसे तेजी से क्रियान्वयन कराया जा रहा है। उप विकास आयुक्त शेखर जमुआर ने खुद विभिन्न प्रखंड के पंचायतों में जाकर दीदी बाड़ी की शुरुआत की है। जेएसएलपीएस के सखी मंडल की महिलाओं द्वारा अपने खेतों में दीदी बाड़ी का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिए ले-आउट का निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है। इसमें बैगन, मुन्गा, टमाटर, पपीता आदि फलदार एवं सब्जी के पौधे लगाए जा रहे हैं, ताकि घर पर ही लोगों पौष्टिक आहार मिले और महिलाएं स्वालंबी बन सकें।

परिश्रम व निगरानी से मिली सफलताः उपायुक्त

मनरेगा के अंतर्गत एक दिन में 74 हजार 577 मानव दिवस श्रृजन को लेकर पलामू उपायुक्त श्री शशि रंजन ने प्रखंड विकास पदाधिकारी, बीपीओ, रोजगार सेवक एवं मनरेगा कार्य से जुड़े कर्मियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि कर्मियों के परिश्रम व अधिकारियों की निगरानी से यह सफलता संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि मनरेगा व्यक्ति का आय बढ़ाने का सबसे अच्छा और बड़ा माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी व्यक्ति को रोजगार की आवश्यकता है, तो उन्हें मनरेगा के तहत तुरंत काम देने का कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण कर कार्यों को तेजी लाने का भी निदेश दिया। साथ ही बागवानी एवं दीदी बाड़ी का सही से देखभाल भी करने का निदेश दिया है।

पलामू को पहले स्थान पर लाने का लक्ष्यः उप विकास आयुक्त

उप विकास आयुक्त शेखर जमुआर ने कहा कि मनरेगा के तहत रोजगार सृजन से लेकर रोजगार उपलब्ध कराने में पलामू को अव्वल दर्जे पर लाना हमसबों की जिम्मेदारी है। सभी के समन्वय व कार्यो में इमानदारी से समय पूर्व लक्ष्य को हासिल करना संभव है। हमसब बेहतर कार्य करें, ताकि पलामूवासियों को रोजगार मिल सके। उन्होंने सभी को मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छा के साथ कार्य करने का निदेश दिया।

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