December 4, 2020

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सीमा पर तनाव के बीच सेनाओं में बड़ा बदलाव करेगा भारत, सेना प्रमुख ने दिए संकेत

नई दिल्ली:- सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने कहा है कि अगला कदम रक्षा सुधारों का है। इसमें युद्ध और शांति के दौरान तीनों सेनाओं की क्षमताओं का समन्वय करने के लिए एकीकृत थियेटर कमांडों का गठन भी शामिल है। इससे युद्ध और शांति के दौरान तीनों सेनाओं के युद्ध कौशल को लयबद्ध किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया सूझबूझ, सुविचारित और व्यवस्थित ढंग से क्रियान्वित की जाएगी। हालांकि इसके परिणाम आने में कुछ वर्ष लग सकते हैं। सेना प्रमुख ने बुधवार को तेलंगाना के सिकंदराबाद में कॉलेज ऑफ डिफेंस मैनेजमेंट (सीडीएम) और बाइसन डिवीजन के दौरे के समय अधिकारियों से बातचीत में मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य के बारे में बात की और क्षमता विकास पर जोर दिया। सीडीएम के छात्रों, अधिकारियों और शिक्षकों से बात करते हुए उन्होंने विभिन्न मुद्दों का जिक्र किया, जिसमें भारतीय सैन्य बलों के एकीकरण और आधुनिकीकरण समेत कई विशेष मुद्दे शामिल थे। सरकार के रक्षा प्रमुख यानि सीडीएस नियुक्त करने और सैन्य मामलों का विभाग गठित करने के फैसले को उन्होंने प्रभावशाली कदम बताते हुए कहा कि रक्षा प्रमुख का पद सृजित करने की भारतीय सशस्त्र बलों की लंबे समय से मांग रही है जो अब पूरी हो गई है, इसलिए अब सेवाओं में और अधिक बुद्धिमत्ता, निपुणता तथा कुशलता के प्रदर्शन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सेना में सुधार का अगला तार्किक कदम और प्रक्रिया एकीकृत थिएटर कमांड का गठन है जिससे युद्ध और शांति के दौरान तीनों सेनाओं के युद्ध कौशल को लयबद्ध किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया सूझ बूझ, सुविचारित और व्यवस्थित ढंग से क्रियान्वित की जाएगी। हालांकि इसके परिणाम आने में कुछ वर्ष लग सकते हैं। उन्होंने कहा कि तीनों सेनाओं की क्षमताओं का समन्वय करने के लिए एकीकृत थियेटर कमांडों का गठन एक अनिवार्यता थी। इस कदम से युद्ध के दौरान तीनों सेनाओं के बीच तालमेल और संसाधनों के अनुरूप बेहतर प्रदर्शन का रास्‍ता खुलेगा। हालांकि इस प्रक्रिया को पूरा होने में कई साल लगेंगे। थल सेना अध्यक्ष ने सभी रैंक के अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक को एकजुटता और विश्वास की भावना के साथ काम करने की आवश्यकता है जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हित सर्वोपरि होने चाहिए। उन्होंने यह चेताया भी कि मध्यावधि पाठ्यक्रम संशोधन की आवश्यकता पड़ सकती है। सेनाध्यक्ष ने कहा कि वह भविष्य में सशस्त्र बलों के एकीकरण को लेकर आशावादी हैं जो एक अनिवार्य आवश्यकता है और जिससे तीनों सेवाओं में बेहतर तालमेल और संसाधनों का श्रेष्ठतम इस्तेमाल हो सकेगा। उन्होंने तकनीकी रूप से दक्ष, प्रबंधन में कुशल और रणनीतिक रूप से उच्च स्तर के नेतृत्व का निर्माण करने के लिए सीडीएम के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की। उन्होंने इस अवसर पर स्वर्ण जयंती स्मारक कॉफी टेबल पुस्तिका भी जारी की। बाइसन डिवीजन के दौरे के समय सेना प्रमुख नरवणे को जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल आलोक जोशी ने डिवीजन द्वारा सुरक्षा और परिचालन संबंधी तैयारियों के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल सीपी मोहंती भी मौजूद थे। उन्होंने उच्च स्तर के संचालन की तैयारी के लिए बाइसन डिवीजन की प्रशंसा करते हुए उत्साह के साथ कठिन प्रशिक्षण जारी रखने के लिए सभी रैंकों को प्रेरित किया और भविष्य की किसी भी परिचालन चुनौतियों के लिए तैयार रहने के लिए भी कहा। नरवणे ने हाल ही में कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में इकाइयों द्वारा किए गए बाढ़ राहत कार्यों और सुरक्षा उपायों की सराहना की। इसके बाद थल सेना अध्यक्ष ने सिकंदराबाद क्षेत्र सिम्युलेटर डेवलपमेंट डिविजन (एसडीडी) का दौरा किया। वह टाटा बोईंग एयरोस्पेस लिमिटेड टीबीएएल, हैदराबाद भी गए, जो अपाचे-64 हेलीकॉप्टर के उत्पादन के लिए बोइंग और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स का संयुक्त उपक्रम है। उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ पहल तथा उच्च प्रौद्योगिकी में ‘आत्मनिर्भर’ बनने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की।

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