December 5, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

रांची से 83 वर्षीय फादर स्टैन स्वामी की गिरफ़्तारी अत्यंत निंदनीय : अजय कुमार

रांची:- प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद डॉ अजय कुमार ने कहा है कि 8 अक्टूबर को नैशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी ने रांची से 83-वर्षीय फादर स्टैन स्वामी को भीमा-कोरेगांव मामले में गिरफ्तार किया। यह गिरफ़्तारी अत्यंत निंदनीय है। मैं मांग करता हूँ की उन्हें तुरंत रिहा किया जाए और रांची वापिस भेजा जाए।
डॉ. अजय कुमार ने कहा कि स्टेन स्वामी दशकों से झारखंड के आदिवासियों के हक़ में आवाज उठाते आये हैं। जल, जंगल, ज़मीन पर आदिवासियों के अधिकार के लिए वे संघर्षत रहे हैं। साथ ही, मानवाधिकारों के उल्लंघन के विरुद्ध एक प्रखर आवाज़ रहे हैं। पिछली रघुवर दास सरकार के विभिन्न जन विरोधी नीतियों पर उन्होंने लगातार सवाल किया था।
83 वर्षीय स्टैन स्वामी कई रोगों से ग्रसित हैं. उनके वक्तव्य अनुसार उन्होंने छप्। द्वारा उनके साथ 15 घंटों तक की गयी पूछताछ में पूर्ण सहयोग किया एवं वे और भी पूछताछ के लिए तैयार थे। तो फिर उन्हें रात के अँधेरे में गिरफ्तार करने की क्या ज़रूरत थी? साथ ही, स्टैन स्वामी ने छप्। द्वारा लगाए गए सभी आरोपों और उनके विरुद्ध प्रस्तुत दस्तावेज़ का स्पष्ट खंडन किया है।
ऐसे ही, कई सामाजिक कार्यकर्ताओं व बुद्धिजीवियों को, जो आदिवासी, दलित और वंचितों के अधिकारों के लिए संघर्षत रहे हैं, भीमा-कोरेगांव मामले के माध्यम से निशाना बनाया जा रहा है।
जिस प्रकार स्टैन स्वामी की गिरफतारी की गयी, इससे ऐसा लगता है कि मोदी सरकार उसकी जन विरोधी नीतियों पर सवाल करने वाले और आदिवासी, दलित व वंचितों को उनके अधिकारों के लिए संगठित करने वालों को दबाना चाहती है. यह लोकतंत्र पर उनके लगातार हमले का एक हिस्सा है,और इस हमले के लिए भाजपा शासित केंद्र सरकार कानून को एक राजनैतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है।

%d bloggers like this: