November 30, 2020

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असम-मिजोरम सीमा पर तनाव, हिंसक झड़प में कई लोग घायल, आज गृह मंत्रालय की बैठक

नई दिल्ली:- असम और मिजोरम के लोगों के बीच हुई हिंसक झड़प में कई लोगों के घायल होने के बाद दोनों राज्यों की सीमा पर तनाव की स्थिति है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि मिजोरम के कोलासिब और असम के कछार इलाके में स्थिति नियंत्रण में है। हिंसा के दौरान झोपडियों और दुकानों को आग लगा दी गई। एक घायल की हालत नाजुक बताई जा रही है। असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने रविवार को पूरे मामले से प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय गृह मंत्रालय को अवगत कराया है। यह झड़प मिजोरम के कोलासिब के वैरेंगते गांव और असम के कछार जिले के लैलापुर गांव के पास बताई जा रही है। केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला सोमवार को दोनों राज्यों के साथ होने वाली बैठक में स्थिति की जानकारी लेंगे। मिजोरम के गृह मंत्री ललचामलियाना ने बताया कि बैठक में दोनों राज्यों के मुख्य सचिव भी मौजूद रहेंगे। दोनों राज्यों ने हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है। मुख्यमंत्री सोनोवाल ने फोन पर मिजोरम के मुख्यमंत्री से बातचीत करके मामले के सौहार्दपूर्ण समाधान पर जोर दिया। मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरमथांगा ने भी सोनोवाल को शांति बहाल करने का आश्वासन दिया। जोरमथंगा ने कैबिनेट बैठक करके सीमा विवाद पर विचार विमर्श किया। कोलासिब जिले के पुलिस उपायुक्त ने बताया कि शनिवार शाम को लाठी-डंडे लिए असम के कुछ लोगों ने सीमावर्ती गांव के बाहरी क्षेत्र में स्थित ऑटो रिक्शा स्टैंड के पास कथित तौर पर एक समूह पर पथराव किया। इसके बाद वैरेंगते गांव के निवासी भारी संख्या में एकत्र हो गए। इलाके में लागू निषेधाज्ञा के बावजूद वैरेंगते गांव की गुस्साई भीड ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब 20 अस्थायी झोपडियों और दुकानों को आग लगा दी, जोकि लैलापुर गांव के लोगों की थीं। पुलिस उपायुक्त ने कहा कि घंटों तक चली इस हिंसक झडप में मिजोरम के चार लोगों समेत कई लोग घायल हो गए। झड़प में घायल एक व्यक्ति को कोलासिब जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, गगर्दन में गहरा घाव होने के कारण उसकी हालत नाजुक है। तीन लोगों का इलाज वैरेंगते गांव के जनस्वास्थ्य केंद्र में किया गया। पुलिस ने कहा कि एक घायल को असम के सिलचर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है। असम सरकार ने कहा है कि हालात काबू में हैं और इलाके में शांति बहाल करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही पुलिस फोर्स तैनात किया गया है। असम के वन मंत्री एवं स्थानीय विधायक परिमल शुक्ला बैद्य ने कहा कि क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं लगभग हर साल होती हैं क्योंकि दोनों ही तरफ के लोग अवैध तरीके से पेड़ काटते हैं असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के निर्देश पर बैद्य ने रविवार को लैलापुर का दौरा किया और लोगों से बातचीत की। असम सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह घटना समुदायों में अशांति पैदा करने के लिए उपद्रवियों द्वारा की गई करतूत थी। वहीं, कछार की उपायुक्त कीर्ति जल्ली ने भी अंतर-राज्यीय सीमा से सटे इलाके का दौरा किया और आश्वासन दिया कि दोनों राज्यों के लोगों के बीच अशांति पैदा करने की कोशिश करने वाले ‘असामाजिक तत्वों’ से प्रशासन उन्हें पूरी तरह से सुरक्षा मुहैया कराएगा। असम के आयुक्त (गृह) ज्ञानेंद्र त्रिपाठी ने स्थानीय लोगों को सुरक्षा का आश्वासन दिया और मिजोरम के लोगों के साथ सौहार्द बनाए रखने की अपील भी की।

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