October 20, 2020

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बिहार विधानसभा चुनाव में व्यस्त आरजेडी नेताओं-कार्यकर्ताओं ने लालू प्रसाद को भुलाया

तेजस्वी-तेजप्रताप समेत तमाम बड़े नेता चुनाव प्रक्रिया शुरू होने पर पार्टी सुप्रीमो से मिलने नहीं आये

रांची:- बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है, सत्ता हासिल करने के लिए मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता-कार्यकर्त्ता जोर-शोर से अपने क्षेत्र में तैयारियों में जुटे है, परंतु बिहार की राजनीति में पिछले 35वर्षां में यह पहला मौका होगा, जब लालू प्रसाद यादव चुनाव प्रक्रिया से पूरी से दूर है।
देश के लोकतांत्रिक इतिहास में भी संभवतः यह पहला मौका है अब एक बड़े राजनीतिक दल का अध्यक्ष ही पूरी चुनाव प्रक्रिया से दूर है। यह पहला मौका है, जब करीब 35वर्षां तक बिहार की राजनीति को प्रभावित करने वाले लालू प्रसाद यादव चुनाव प्रक्रिया खुद को अलग रखने के लिए मजबूर है। हालांकि महाबंधन में सीटों के बंटवारे और टिकट वितरण के पहले तक प्रतिदिन बिहार के विभिन्न हिस्सों से आरजेडी के अलावा सहयोगी दलों के नेताओं-कार्यकर्त्ताओं के भी रांची पहुंचने का सिलसिला जारी था, लेकिन जैसे ही गठबंधन का स्वरूप तय हुआ, नामांकन की प्रक्रिया शुरू हुई और टिकटों के वितरण की प्रक्रिया पूरी हो गयी, सभी नेता कार्यकर्त्ता अपने क्षेत्र में व्यस्त हो गये है और अब रांची में लालू प्रसाद से मिलने दल का कोई बड़ा नेता-कार्यकर्त्ता नहीं पहुंच रहा है।
चुनाव की व्यस्तता इस तरह की है कि निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव की तिथि की घोषणा के काफी पहले से ही आरजेडी में मुख्यमंत्री पद के दावेदार और लालू प्रसाद के पुत्र तेजस्वी यादव भी अपने पिता से मिलने नहीं पहुंच पाये हैं,हालांकि रघुवंश प्रसाद सिंह की नाराजगी की खबरों के बीच लालू प्रसाद के निर्देश पर तेज प्रताप यादव रांची पहुंचे थे और दावा किया था कि रघुवंश प्रसाद सिंह उनके चाचा के सामान है और उनकी कोई नाराजगी नहीं है, परंतु मौत के कुछ ही दिन पहले रघुवंश प्रसाद सिंह ने लालू प्रसाद को पत्र लिखकर अलग होने की घोषणा कर दी थी।
अरबों रुपये के बहुचर्चित चारा घोटाले के तीन मामलों में सजायाफ्ता लालू प्रसाद को दो मामले में जमानत मिल गयी है और तीसरे मामले में नवंबर महीने में उनकी ओर से जमानत अर्जी दाखिल किये जाने की संभावना है। दिसंबर 2017 से जेल में बंद लालू प्रसाद से जेल मैनुअल के तहत प्रत्येक सप्ताह में तीन लोग मिलने आते थे, लेकिन जैसे ही बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों ने जोर पकड़ी, उनसे मिलने वाले बड़े नेता व्यस्त हो गये। तेजस्वी यादव , मीसा यादव समेत उनकी अन्य बेटियां तो पूरे लॉकडॉउन के दौरान लालू प्रसाद से मिलने रांची नहीं आये।

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