October 21, 2020

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श्‍वेत छड़ी सुरक्षा दिवस (व्‍हाईट केन सेफ्टी डे) के अवसर पर राज्‍यस्‍तरीय जन-जागरूकता वेबीनार का आयोजन किया गया

किशनगंज:- बिहार नेत्रहीन खेल संघ, बिहार विकलांग खेल अकादमी एवं बिहार एसोसिएशन ऑफ पर्सन विथ डिसएबिलिटी के संयुक्त तत्वाधान में आज अन्‍तर्राष्‍ट्रीय श्‍वेत छड़ी सुरक्षा दिवस (व्‍हाइट केन सेफ्टी डे) के अवसर पर राजस्‍तरीय ऑनलाइन वेबीनार का आयोजन किया गया। नेत्रहीन और दृष्टिबाधित जनों की चुनौतियों के प्रति लोगों को जागरूक करने हेतु व्हाइट केन सेफ्टी दिवस मनाया जाता है। ज्ञात हो कि व्हाइट केन डे को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर व्हाइट केन सेफ्टी डे के रूप में हर साल 15 अक्टूबर को मनाया जाता है। इसका मुख्‍य उद्देश्य पूरे विश्व को इस बारे में परिचित कराना है कि नेत्रहीन और दृष्टिबाधित बिना किसी सहारे के अपना जीवन जीते हैं और काम करते हैं। भारत में 16 मिलियन से अधिक नेत्रहीन और 18 मिलियन से अधिक दृष्टिबाधित व्यक्ति हैं. इन्हें प्रायः आवागमन, शिक्षा अवसर, रोजगार आदि प्राप्त करने में काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है।

आज के कार्यक्रम के मुख्‍य अतिथि डॉ० शिवाजी कुमार (राज्‍य आयुक्‍त दिव्‍यांगजन, बिहार सरकार) ऑनलाईन उपस्थित थे। बिशिष्‍ट अतिथि डॉ नवल किशोर शर्मा (पूर्व प्राचार्य, नेत्रहीन विद्यालय) एवं श्री सुबोध जैन (समाजसेवी) ऑनलाइन उपस्थित थे। साथ ही संदीप कुमार (खेल निदेशक, बिहार दिव्‍यांग खेल संघ) संतोष कुमार सिन्‍हा (प्रोग्राम मैनेजर, बिहार नेत्रहीन खेल संघ), रमण कुमार (नेत्रहीन अन्‍तर्राष्‍ट्रीय खिलाड़ी), उमेश मंडल, राकेश कुमार (बिहारदिव्‍यांग अधिेकार मंच) साबरा तरन्‍नुम (फिजियोथेरेपिस्‍ट), सुगन्‍ध नारायण प्रसाद, लक्ष्‍मीकान्‍त कुमार, अभिषेक राज, मो० शाहगाज अहमद, फिरदौस अख्‍तर, राहुल सिंह, रवी सिंह एवं सैकडों नेत्रहीन दिव्‍यांगजन, सभी पंचायत, ब्‍लॉक, जिला स्‍तर के डी०जी०पी०, अभिभावकगण, समाजसेवी, प्रोफेशनल आदि ऑनलाइन उपस्थित थे।

मुख्‍य अतिथि डॉ० शिवाजी कुमार ने बताया कि व्‍हाइट केन सेफ्टी डे नेत्रहीन दिव्‍यांगजनों का आत्‍मनिर्भरता के लिए जागरूक करना है। व्‍हाईट केन नेत्रहीन दिव्‍यांगजनों के लिए आत्‍मनिर्भरता का प्रतिक माना गया है। श्‍वेत छड़ी के सहारे नेत्रहीन दिव्‍यांगजन खुद अपना काम तो करते ही हैं एवं कहीं भी आवागमन कर सकते हैं। उन्‍होंने उनके अधिकार एवं सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में भी बताया और लोगों द्वारा पूछे गये सवालों का जबाव भी दिया।

डॉ० नवल किशोर शर्मा ने बताया कि बिहार में नेत्रहीन विद्यार्थियों के अनुपात में शिक्षक बहुत कम है। सरकार को इस पर ध्‍यान देना चाहिए एवं कमी को पूरी करनी चाहिए। ये बच्‍चे किसी से कम नहीं होते इनकी प्रतिभा को निखारना पड़ता है।

श्री सुबोध जैन ने बताया कि नेत्रहीन दिव्‍यांगजन काफी प्रतिभाशाली होते हैं इन्‍हे खेल, शिक्षा एवं अन्‍य गतिविधियों जोड़कर इन्‍हें समाज के मुख्‍यधारा से जोड़ा जा सकता है।

श्री रमण सिंह (नेत्रहीन अन्‍तर्राष्‍ट्रीय खिलाड़ी) ने बताया कि अभी के समय बहुत सारी तकनीकी सॉफ्टवेयर उपलब्ध है जिससे नेत्रहीन दिव्‍यांगजनों को दैनिक जीवन में काफी सुविधा होती है। नेत्रहीनजनों को कभी भी हताश नहीं होना चाहिए। खुद अन्‍तर्राष्‍ट्रीय खिलाड़ी होते हुए लोगों को खेलों से हानेवाली फायदों के बारे में बताया। उन्‍होंने जरूरत मन्‍दों को 25 श्‍वेत छड़ी देने की बात कही।

आज के कार्यक्रम का संचालन संदीप कुमार एवं धन्‍यवाद ज्ञापन संतोष कुमार सिन्‍हा के द्वारा किया गया।
संवाददाता सुबोध

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