October 24, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

फिर से हथियार थामेगा नक्सली सब जोनल कमांडर

चतरा:- किसी समय अपने एक फोन से व्यवस्था को खुली चुनौती पेश कर अपनी उंगली पर नचाने का मादा रखने वाला पूर्व नक्सली सबजोनल कमांडर आज मदद के लिए तंत्र के रहनुमाओं का चक्कर काट रहा है। बावजूद उसे ना तो सरकारी मदद मिल रही है और ना ही तंत्र की रहनुमाई के नुमाइंदों का साथ। ऐसे में अपनी मुखिया पत्नी के समझाने के बाद गुनाह की दुनिया से मोहभंग कर हथियार डाल मुख्यधारा में शामिल होने वाला टीएसपीसी (तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी) नक्सली सब जोनल कमांडर फिर से हथियार का सहारा लेकर इंसाफ की लड़ाई लड़ने की जुगाड़ में है। दरअसल मामला जिले के घोर नक्सल प्रभावित व टीएसपीसी नक्सलियों का मुख्यालय माने जाने वाले लावालौंग प्रखंड से जुड़ा है। यहां हेडुम पंचायत की मुखिया सुनीता देवी व उप मुखिया ओम हरी तूरी विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को ले आमने-सामने आ गए हैं। मुखिया अनीता तुरी जहां पंचायती राज विभाग से प्राप्त राशि की योजनाओं क्रियान्वयन के बदले उप मुखिया पर गाली-गलौज, बदसलूकी और कमीशन मांगने का गंभीर आरोप लगा रही है। वहीं उप मुखिया, मुखिया और उनके पति पूर्व सब जोनल कमांडर पर संगठन का भय दिखाकर मनमाने तरीके से योजनाओं का चयन कर उसका बंदरबांट करते हुए राशि गबन का आरोप लगा रहे हैं। दरअसल अनीता देवी के हेडूम पंचायत की मुखिया बनने के बाद उसके नक्सली पति राजकुमार गंझू उर्फ शेखर जी ने नक्सलवाद का रास्ता त्याग कर हथियार डालते हुए मुख्य धारा में शामिल हो गया था। जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन जेल से निकलने के बाद अपनी मुखिया पत्नी के कार्यों में वह पर चढ़कर हिस्सा लेने लगा। जो उप मुखिया को नागवार गुजरने लगा। जिसके बाद आए दिन ग्राम सभा और योजना चयन को ले होने वाले बैठकों के दौरान मुखिया, मुखिया पति और उप मुखिया में तनातनी शुरू हो गई। मुखिया पति पूर्व नक्सली सब जोनल कमांडर का आरोप है कि उप मुखिया विकास योजनाओं के क्रियान्वयन के बदले बतौर कमीशन मोटी रकम की मांग करता है। ऐसी स्थिति में जब मैं खुद कमीशन नहीं लेता हूं तो उप मुखिया को कहां से दूंगा। मुखिया पति का आरोप है कि वह नक्सलवाद का रास्ता त्याग कर मुख्यधारा में इस उद्देश्य से जुड़ा था कि वह अपनी पत्नी के कदम से कदम मिलाकर क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाएगा। लेकिन उसके इस निर्णय को पंचायत के उप मुखिया खुलेआम चुनौती पेश कर रहे हैं। इस बाबत मुखिया पति ने बीडीओ और स्थानीय थाना को आवेदन देकर उप मुखिया पर दुर्व्यवहार, गाली-गलौज और कमिशन मांगने का आरोप लगाते हुए उसके विरुद्ध कार्रवाई की भी मांग की। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी अब तक ना तो प्रखंड विकास पदाधिकारी ने कोई एक्शन लिया और ना ही पुलिस ने कार्यवाही में दिलचस्पी दिखाई। मुखिया पति ने उप मुखिया पर फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर चुनाव आयोग को गुमराह करते हुए गलत तरीके से चुनाव लड़ने का भी आरोप लगाया है। मांग किया है कि अगर उप मुखिया द्वारा चुनाव के दौरान समर्पित शपथ पत्र व दस्तावेजों की जांच हुई तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। कहता है कि मेरे एक इशारे पर व्यवस्था से जुड़े लोग नतमस्तक हो जाते थे। लेकिन मुख्यधारा से जुड़ने के बाद अदना आदमी भी आंखे तरेर रहा है जो उसे अच्छा नहीं लगता। हालांकि इन आरोपों को निराधार बताते हुए उप मुखिया ने मुखिया और मुखिया पति के विरुद्ध ही संगठन का धौंस दिखाकर मनमानी करने का आरोप लगाया है। इधर पंचायत के मुखिया ने कहा है कि उनके काफी समझाने बुझाने और प्रयास के बाद उनके पति ने हथियार छोड़कर समाज सेवा का रुख अख्तियार किया था। लेकिन उप मुखिया के क्रियाकलापों और तंत्र की बेरुखी से एक बार फिर उनका झुकाव नक्सलवाद के राह की ओर दिख रहा है। ऐसे में अगर समय रहते कोई उचित कदम नहीं उठाया गया तो ना सिर्फ राजकुमार समाजसेवा छोड़ फिर से हथियार उठा लेंगे बल्कि स्थिति भविष्य में और भी भयावह होगी।

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