October 29, 2020

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प्रथम चरण में छह सीट पर निवर्तमान विधायक दूसरी पार्टी के टिकट से लड़ेंगे चुनाव

पटना:- बिहार विधानसभा के लिए 28 अक्टूबर को प्रथम चरण की 71 सीटों पर होने वाले चुनाव में मोकामा, डुमरांव, चेनारी (सुरक्षित), सासाराम, पालीगंज और झाझा छह सीटें ऐसी हैं, जहां वर्ष 2015 में निर्वाचित विधायक इस बार दूसरी पार्टी के टिकट से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
बिहार की हाईप्रोफाइल सीट में शामिल मोकामा से बाहुबली विधायक अनंत सिंह की प्रतिष्ठा दाव पर लगी हुयी है। उन्होंने वर्ष 2015 के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर अपनी किस्मत आजमायी और जनता दल यूनाईटेड (जदयू) प्रत्याशी नीरज कुमार को 18348 मतों के अंतर से पराजित किया था। वह इस बार राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के टिकट पर मोकामा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। वह इस सीट से पांचवी बार चुनावी संग्राम में जोर आजमा रहे हैं। वहीं, इस बार जदयू ने राजीव लोचन नारायण सिंह को पार्टी का उम्मीदवार बनाया है जो पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। कई आपराधिक मामलों में जेल में बंद ‘छोटे सरकार’ के नाम से चर्चित अनंत सिंह फरवरी 2005 में मोकामा विधानसभा सीट से जदयू के टिकट पर पहली बार चुनाव जीते थे। इसके बाद विधानसभा भंग होने पर अक्टूबर-नवंबर 2005 में हुए चुनाव में वह दूसरी बार भी जीत गए। वर्ष 2010 के विधानसभा चुनाव में श्री सिंह मोकामा से ही जदयू की टिकट पर लगातार तीसरी बार चुनाव जीते। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2015 में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मोकामा सीट से जीत हासिल की थी।
डुमरांव विधानसभा सीट से जदयू से टिकट नहीं मिलने के बाद निवर्तमान विधायक ददन यादव उर्फ ददन पहलवान निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनावी अखाड़े में उतर आये हैं। उन्होंने वर्ष 2015 के चुनाव में जदयू के टिकट पर चुनाव लड़ा था और बीएलएसपी उम्मीदवार राम बिहारी सिंह को 30339 मतों के अंतर से मात दी थी। इस बार के चुनाव में जदयू ने पार्टी की प्रवक्ता अंजुम आरा को उम्मीदवार बनाया है, जो पहली बार चुनाव लड़ रही हैं। वहीं, महागठबंधन की ओर से भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी (भाकपा-माले) के टिकट पर अजित कुमार सिंह पहली बार किस्मत आजमा रहे हैं। डुमरांव से महाराज कमल बहादुर सिंह के पौत्र शिवांग विजय सिंह भी निर्दलीय चुनाव लड़कर मुकाबले को रोचक बनाने में जुटे हैं।
चेनारी (सु) सीट से वर्ष 2015 में राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के टिकट पर ललन पासवान ने कांग्रेस उम्मीदवार मंगल राम को 9781 मतों के अंतर से पराजित किया था। इस बार श्री पासवान जदयू के टिकट पर चुनावी अखाड़ें में भाग्य आजमा रहे हैं। कांग्रेस ने इस बार मुरारी प्रसाद गौतम को पार्टी का उम्मीदवार बनाया है। वहीं, पूर्व विधायक श्याम बिहारी राम के बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के टिकट पर मैदान में उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।
सासाराम सीट से वर्ष 2015 में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के टिकट पर अशोक कुमार ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रत्याशी जवाहर प्रसाद को 19612 मतों के अंतर से शिकस्त दी थी। इस बार श्री कुमार जदयू के टिकट पर चुनावी रणभूमि में ताल ठोंक रहे हैं, जिनका मुकाबला राजद के राजेश कुमार गुप्ता से माना जा रहा है, जो पहली बार सत्ता के संग्राम में अपनी किस्मत आजमां रहे हैं। सासाराम से सीट नहीं मिलने से नाराज भाजपा के दिग्गज नेता रामेश्वर चौरसिया ने लोजपा का दामन थाम लिया है और इस सीट से चुनाव लड़कर मुकाबले को त्रिकोणीय बना रहे हैं।
पालीगंज विधानसभा सीट से वर्ष 2015 के चुनाव में राजद के टिकट पर जयवर्द्धन यादव उर्फ बच्चा यादव ने भाजपा प्रत्याशी रामजनम शर्मा को 24453 मतों कें अंतर से परास्त किया था। राजग में सीटों के तालमेल के तहत पालीगंज सीट जदयू के खाते में चली गई है। जदयू ने यहां से हाल ही में राजद छोड़ आए श्री यादव को मैदान में उतारा है। वहीं, महागठबंधन की ओर से भाकपा-माले के टिकट पर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ के पूर्व महासचिव और अखिल भारतीय विद्यार्थी संघ (आईसा) के राष्ट्रीय महासचिव संदीप सौरभ चुनाव में किस्मत आजमां रहे हैं। टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर भाजपा की उपाध्यक्ष रहीं डॉ. उषा विद्यार्थी ने लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) का दामन थाम लिया और चुनाव में ताल ठोक रही हैं।
झाझा सीट से वर्ष 2015 में भाजपा के टिकट पर डाॅ. रवीन्द्र यादव ने जदयू उम्मीदवार दामोदर रावत को 22086 मतों के अंतर से पराजित किया था। राजग में सीटों के तालमेल के तहत झाझा सीट जदयू के खाते में चली गई है। जदयू ने एक बार फिर से श्री रावत पर भरोसा जताते हुये उन्हें पार्टी का उम्मीदवार बनाया है। वहीं, भाजपा से टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर डा.रवीन्द्र यादव लोजपा में शामिल हो गये और इस सीट से चुनावी रणभूमि में उतर आये हैं। इस सीट पर राजद के टिकट पर राजेन्द्र प्रसाद चुनावी संग्राम में मुकाबले को रोचक बनाने में लगे हुये हैं।
गौरतलब है कि इस बार के विधानसभा चुनाव में राजग के घटक दलों में भाजपा, जदयू, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) शामिल है। वहीं, महागबंधन में राजद, कांग्रेस, भाकपा-माले, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के उम्मीदवार मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं।

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