October 28, 2020

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सरकार बनी तो राजद नेता फिर अपनी कमाई बढ़ाने में लग जाएंगे : नीतीश कुमार

बांका:- बिहार के मुख्यमंत्री एवं जनता दल यूनाइटेड (जदयू) अध्यक्ष नीतीश कुमार ने विधानसभा चुनाव में लोगों को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेताओं की अफवाहों में नहीं फंसने की हिदायत देते हुए कहा कि यदि राजद की सरकार बनी तो उनके नेता जनता को भूलकर फिर से अपनी कमाई बढ़ाने में लग जाएंगे जबकि पिछले पंद्रह साल में उनकी सरकार में प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी हुई है। श्री कुमार ने ‘निश्चय संवाद’ के तहत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) उम्मीदवारों के पक्ष में बुधवार को यहां अपनी पहली जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार में आम लोगों की आय बढ़ाने के लिए उनकी सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इसका नतीजा है कि उनकी सरकार के कार्यकाल के पंद्रह वर्ष में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय देश में सर्वाधिक हो गई है। उन्होंने राजद सरकार के पिछले पंद्रह वर्ष के कार्यकाल की ओर इशारा करते हुए कहा, “प्रदेश की जनता की ईमानदारी और समर्पण के साथ सेवा करना ही मेरा धर्म है लेकिन दूसरे लोगों के लिए सत्ता का मतलब केवल धन अर्जित करना रहा है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में सात निश्चय-एक के तहत किए सभी वादे उनकी सरकार ने पूरे कर दिए हैं। इसके तहत हर घर में बिजली पहुंचा दी गई है। हर घर में शौचालय निर्माण का काम एवं हर टोले तक संपर्कता का काम लगभग पूरा किया जा चुका है। युवाओं के लिए सभी कार्यक्रम लागू हैं, जिसका लाभ बिहार के युवा उठा रहे हैं। महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण दिया जा चुका है। अधिकांश घरों में नल का जल पहुंच गया है एवं अधिकांश घरों तक पक्की गली एवं गलियां बन चुकी है। लक्ष्य लगभग पूरा हुआ है और बचे हुए कार्य भी शीघ्र पूरे होंगे। श्री कुमार ने सात निश्चय-2 के तहत युवा शक्ति- बिहार की प्रगति, सशक्त महिला-सक्षम महिला, हर खेत तक सिंचाई का पानी, स्वच्छ गांव-समृद्ध गांव, स्वच्छ शहर-विकसित शहर, सुलभ सम्पर्कता और सबके लिए अतिरिक्त स्वास्थ्य सुविधा के वादे को गिनवाते हुए कहा कि यदि जनता ने मौका दिया तो इन निश्चय को पूरा कर ‘सक्षम बिहार-स्वावलंबी बिहार’ का लक्ष्य अवश्य हासिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन में बाहर फंसे 22 लाख लोगों को स्पेशल ट्रेन से बिहार वापस लाया गया। इसके बाद उन्हें प्रखंड एवं जिला स्तर पर बने क्वारंटाइन केंद्रों में 14 दिन तक रखा गया, जहां उन्हें अच्छा खाना एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने क्वारंटाइन केंद्रों में 14 दिनों तक आवासित प्रत्येक व्यक्ति पर 5300 रुपये खर्च किए हैं। इसके अलावा केंद्रीय योजना के तहत कोरोना काल में गरीब परिवारों को मुफ्त में राशन दिया गया। इस सुविधा को इस वर्ष नवंबर तक जारी रखा गया है।
श्री कुमार ने कहा कि वर्ष 2005 में उनकी सरकार बनने के बाद से राज्य की महिलाओं को सरकारी नौकरी में 35 प्रतिशत आरक्षण तथा पंचायती राज एवं स्थानीय निकाय चुनावों में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है जबकि इससे पहले महिलाओं के लिए ऐसी व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं उनकी सरकार में अतिपिछड़ा, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के लोगों को आरक्षण का लाभ दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने राज्य में प्रत्येक परिवार को दिसंबर 2018 तक बिजली का कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा था लेकिन इस लक्ष्य को दो माह पूर्व अक्टूबर 2018 में ही हासिल कर लिया गया। साथ ही महिलाओं की मांग पर ही सरकार ने अप्रैल 2016 में बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू कर दी और उसका सख्ती से पालन भी कराया जा रहा है। शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भी भेजा जा रहा है।

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