October 28, 2020

अनावरण न्यूज़

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सेना ने लद्दाख में बदला कमांडर, मेनन ने चार्ज लिया

लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह का आईएमए, देहरादून तबादला

उनके कार्यकाल के पिछले पांच माह चीन से तनातनी में गुजरे

अब तक चीन से सात दौर की वार्ता में भारत का किया नेतृत्व

नई दिल्ली:- चीन के साथ सात दौर की कॉर्प कमांडर स्तरीय वार्ता करने वाले सेना की 14वीं कॉर्प के लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह अब देहरादून में भारतीय सैन्य अकादमी की कमान संभालेंगे। उनकी जगह नई दिल्ली स्थित सेना मुख्यालय से आये लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन ने मंगलवार को जनरल हरिंदर सिंह से चार्ज ले लिया। जनरल मेनन भी भारत-चीन के साथ पिछली दो बैठकों में सेना मुख्यालय के प्रतिनिधि के रूप में हिस्सा ले चुके हैं। अब आगे से चीन के साथ होने वाली वार्ता में भारत का नेतृत्व जनरल मेनन ही करेंगे। लेह स्थित 14वीं ‘फायर एंड फ्यूरी कॉर्प’ में कोर कमांडर का कार्यकाल एक साल होता है। यही वजह है कि एक साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद हरिंदर सिंह को देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी में कमांडेंट के तौर पर भेज दिया गया है। जनरल ऑफिसर का भारतीय सेना में विशिष्ट कैरियर और कई महत्वपूर्ण नियुक्तियों का कार्यकाल रहा है। हरिंदर सिंह ने पिछले साल अक्टूबर में यहां का कार्यभार संभाला था। उनके कार्यकाल के पिछले पांच माह चीन से तनातनी में गुजरे हैं। एलएसी पर चीन से गतिरोध कम करने के लिए चीन से अब तक हुईं सात दौर की सैन्य वार्ताओं में भारत का नेतृत्व हरिंदर सिंह ने ही किया। इन सभी बैठकों में उन्होंने चीन की ओर से दक्षिण शिंजियांग के मेजर जनरल लिन लिउ से वार्ता की। इन वार्ताओं में तमाम मुद्दों पर चीन की ओर से सहमति भी जताई गई लेकिन जमीनी हालात जस के तस ही रहे। चीन के साथ छठवीं और सातवीं दौर की वार्ता में सेना मुख्यालय प्रतिनिधि के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन भी शामिल हुए। इन दोनों वार्ताओं में चीन की तरफ से जनरल ली शी झोंग ने हिस्सा लिया। जनरल झोंग और भारतीय जनरल मेनन के बीच अच्छा तालमेल माना जाता है। दोनों सैन्य अधिकारियों ने नवम्बर 2018 में अरुणाचल प्रदेश-तिब्बत सीमा पर भारत और चीन के बीच बुम ला में पहली मेजर जनरल स्तर की वार्ता का नेतृत्व किया। उस समय वह असम मुख्यालय वाले 71 इन्फैंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) थे। तभी से जनरल पीजीके मेनन चीनियों से निपटने में विशेषज्ञ माने जाते हैं। जनरल मेनन सीधे सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे को रिपोर्ट करते हैं। अब आगे से चीन के साथ होने वाली वार्ता में भारत का नेतृत्व जनरल मेनन ही करेंगे।

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