October 31, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

अब रोनाल्ड रीगन के साथ ‘पासेक्स’ करेगी नौसेना

पहले भी यूएसएस निमित्ज, ऑस्ट्रेलियाई, जापानी नौसेनाओं के साथ अभ्यास कर चुकी है नौसेना

हिन्द महासागर में डिएगो गार्सिया तक चीन की घुसपैठ रोकने के लिए अमेरिका ने निगरानी बढ़ाई

नई दिल्ली:- भारत के साथ-साथ अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया हिन्द महासागर में चीन को घेरने के लिए तैयार हैं। अगर अब ड्रैगन ने कोई भी हिमाकत की तो उसका अंजाम उसे भुगतना पड़ेगा। पहले भी भारतीय नौसेना यूएसएस निमित्ज, ऑस्ट्रेलियाई, जापानी नौसेनाओं के साथ अभ्यास कर चुकी हैं। इसके बाद एक बार फिर भारतीय नौसेना अमेरिकी नौसेना के जहाज यूएसएस रोनाल्ड रीगन के साथ 12 अक्टूबर को अभ्यास करेगी जिसे ‘पासेक्स’ का नाम दिया गया है।
भारत से रक्षा समझौता होने के बाद हिन्द महासागर में चीन की घुसपैठ रोकने के लिए अमेरिका ने भी निगरानी बढ़ा दी है। हिन्द महासागर (आईओआर) में चीन की घुसपैठ रोकने के लिए अमेरिका ने अंडमान से लेकर डिएगो गार्सिया तक अपनी निगरानी बढ़ा दी है। परमाणु शक्ति से चलने वाला अमेरिकी नौसेना का एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस रोनाल्ड रीगन लगातार उस पूरे इलाके में चक्कर लगा रहा है जहां से चीन समुद्री सीमा में घुसपैठ कर सकता है। पिछले माह अमेरिकी नौसेना के निमित्ज क्लास का एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस रोनाल्ड अंडमान के पास पहुंचा था। परमाणु शक्ति से चलने वाले इस 332 मीटर लंबे एयरक्राफ्ट कैरियर पर 90 घातक लड़ाकू विमान और 3000 से ज्यादा अमेरिकी नौसैनिक तैनात थे। चीन के व्यापार का बड़ा हिस्सा हिन्द महासागर के जरिए ही खाड़ी और अफ्रीकी देशों में जाता है। अगर भारतीय नौसेना ने यह समुद्री रास्ता बंद कर दिया तो चीन को तेल समेत कई चीजों के लिए किल्लत झेलनी होगी।
अभी तक चीन-पाकिस्तान का आर्थिक गलियारा भी पूरा नहीं हुआ है, इसलिए चीन इस रास्ते से कोई आयात-निर्यात नहीं कर सकता है। एक आधिकारिक सूत्र ने कहा कि अपने समुद्री अभ्यास की श्रृंखला को जारी रखते हुए भारतीय नौसेना ने 12 अक्टूबर को अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस रोनाल्ड रीगन के साथ एक और मार्ग अभ्यास (पासेक्स) आयोजित करने की योजना बनाई है। द्विपक्षीय रसद समर्थन समझौते के तहत 25 सितम्बर को पहली बार अमेरिकी नौसेना का समुद्री गश्ती विमान पी-8 पोसाइडन लॉजिस्टिक्‍स और रिफ्यूलिंग सपोर्ट के लिए भारतीय नौसेना के पोर्ट ब्‍लेयर बेस पर उतरे। मिसाइलों और राकेट्स से लैस यह विमान कई घंटे तक रहे।
जुलाई में भी भारतीय नौसेना के फ्रंटलाइन युद्धपोतों ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के पास अमेरिकी नौसेना के विमानवाहक पोत यूएसएस निमित्ज़ के साथ एक पासेक्स का आयोजन किया था। यूएसएस निमित्ज मलक्का जलडमरूमध्य के माध्यम से दक्षिण चीन सागर से लौट रहा था जहां इसने फ्रीडम ऑफ नेविगेशन ऑपरेशंस को चलाया। नवम्बर में जापान और अमेरिका के साथ त्रिपक्षीय मालाबार नौसेना अभ्यास भी आयोजित किया जाना है। पूर्वी हिन्द महासागर क्षेत्र में 23-24 सितम्बर को भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई नौसेनाओं ने पैसेज एक्सरसाइज (पासेक्स) की थी। इसी तरह भारत और जापान की नौसेनाएं 26 से 28 सितम्बर तक उत्तरी अरब सागर में अभ्यास (जिमेक्स) कर चुकी हैं।

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