October 31, 2020

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जदयू ने चुनाव के लिए अपना निश्चित पत्र 2020 जारी किया

पटना:- बिहार विधानसभा चुनाव के लिए आज जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने ‘निश्चय पत्र 2020’ के नाम से चुनाव घोषणा पत्र जारी कर दिया। जदयू के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से निश्चय पत्र 2020 को जारी करते हुए कहा गया है कि पार्टी ‘सक्षम बिहार-स्वावलंबी बिहार’ के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सात निश्चय-2 कार्यक्रम को लागू करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करता है। यह समृद्ध और विकसित बिहार बनाने का एक महत्वपूर्ण कार्यकम साबित होगा। सात निश्चय-2 के तहत युवा शक्ति- बिहार की प्रगती, सशक्त महिला-सक्षम महिला, हर खेत तक सिंचाई का पानी, स्वच्छ गांव-समृद्ध गांव, स्वच्छ शहर-विकसित शहर, सुलभ सम्पर्कता और सबके लिए अतिरिक्त स्वास्थ्य सुविधा का वादा किया गया है। जदयू के घोषणा पत्र की शुरुआत में ही कहा गया है कि पार्टी महात्मा गांधी, डॉ. राम मनोहर लोहिया, जयप्रकाश नारायण, डॉ.भीमराव अंबेडकर और कर्पूरी ठाकुर के विचारों और सिद्धांतों में अपनी आस्था रखता है। पार्टी इन महान नेताओं के विचारों से प्रेरित होकर लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष और समाजवादी व्यवस्था की स्थापना के लिए प्रतिबद्ध है ।
घोषणा पत्र में कहा गया है कि पिछले पांच वर्षों में सात निश्चय-1 के कार्यकम को लागू किया गया है, जिसके तहत हर घर में बिजली पहुंचा दी गई है। हर घर में शौचालय निर्माण का काम एवं हर टोले तक संपर्कता का काम लगभग पूरा किया जा चुका है। युवाओं के लिए सभी कार्यक्रम लागू हैं, जिसका लाभ बिहार के युवा उठा रहे हैं। महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण दिया जा चुका है। अधिकांश घरों में नल का जल पहुंच गया है एवं अधिकांश घरों तक पक्की गली एवं गलियां बन चुकी है। लक्ष्य लगभग पूरा हुआ है और बचे हुए कार्य भी शीघ्र पूरे होंगे।
जदयू ने सक्षम बिहार स्वावलंबी बिहार के तहत सरकार बनने पर अगले पांच वर्षों में किए जाने वाले कार्यों का खाका सात निश्चय दो के जरिए जनता के सामने रखा है। जदयू का पहला निश्चय युवा शक्ति बिहार की प्रगति है, जिसके तहत कहा गया है कि सात निश्चय-1 में शुरू उच्च शिक्षा के लिए बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, युवाओं को रोजगार ढूंढने में मदद के लिए स्वयं सहायता भत्ता योजना, युवाओं को कंप्यूटर, संवाद, कौशल और व्यवहार कौशल का प्रशिक्षण देने के लिए कुशल युवा जैसे कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे। इन कार्यक्रमों के साथ-साथ अब युवाओं को और बेहतर तकनीकी प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी, जिससे उन्हें बिहार के साथ ही देश-विदेश में भी रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हो सके। साथ ही बिहार में उद्यमिता को और बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे कि युवा स्वयं उद्यमी बन सकें और अन्य लोगों को भी रोजगार के अवसर उपलब्ध करा सकें।
घोषणा पत्र में कहा गया है कि युवाओं के लिए न सिर्फ उच्च स्तर पर प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है बल्कि उनको अपना उद्यम या व्यवसाय शुरू करने के लिए सरकार मदद करेगी। नये उद्यम या व्यवसाय के लिए परियोजना लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम तीन लाख रुपए तक का अनुदान दिया जाएगा और सात लाख रुपये तक के ऋण पर सात प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाएगा।
पांचवां निश्चय ‘स्वच्छ शहर विकसित शहर’ का है। इसके तहत बिहार के सभी शहरों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था उपयुक्त तकनीक के माध्यम से की जाएगी । इसके साथ ही वृद्ध जनों के लिए सभी शहरों में आश्रय स्थल बनाने और इसके बेहतर प्रबंधन एवं संचालन की व्यवस्था का वादा किया गया है। शहरों में रह रहे बेघर और भूमिहीन गरीब लोगों को बहुमंजिला भवन बनाकर आवासन उपलब्ध कराया जाएगा। सभी शहरों एवं महत्वपूर्ण नदी घाटों पर विद्युत शवदाह गृह समेत मोक्ष धाम का निर्माण भी कराया जाएगा। इसके साथ ही शहरों में भारी बारिश के कारण होने वाले जलजमाव की समस्या के निदान की भी व्यवस्था की जाएगी।
छठा निश्चय सुलभ संपर्कता का है। इसके तहत आसपास के गांवों को जोड़ते हुए मुख्य पथों एवं महत्वपूर्ण स्थानों जैसे थाना, सरकारी कार्यालयों, बाजार और अस्पतालों के साथ ही राज्य के उच्च पथों, राष्ट्रीय राजमार्गों तक संपर्कता के लिए नई सड़कों का निर्माण कराया जाएगा । शहरी क्षेत्र में जाम की समस्या से मुक्ति एवं सुचारू यातायात के संचालन के लिए आवश्यकतानुसार बाईपास अथवा फ्लाईओवर का निर्माण कराया जाएगा।
सातवां निश्चय में सबके लिए अतिरिक्त स्वास्थ्य सुविधा का वादा किया गया है । इसके तहत बेहतर पशु स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए आधारभूत व्यवस्थाएं की जाएंगी । प्रत्येक 8 से 10 पंचायतों पर पशु अस्पताल की व्यवस्था की जाएगी । पशुओं के लिए चिकित्सा सुविधा, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भधान, कृमि नाशन जैसी सेवाओं की डोर स्टेप डिलीवरी के लिए कॉल सेंटर में फोन अथवा मोबाइल ऐप के माध्यम से इन सुविधाओं को प्राप्त किया जा सकेगा। टेलीमेडिसिन के माध्यम से भी पशु अस्पताल जुड़े रहेंगे, जिनसे चिकित्सा परामर्श दिया जाएगा और आवश्यकतानुसार मोबाइल यूनिट्स के माध्यम से पशु चिकित्सक और अन्य कर्मी लोगों के घरों में पहुंचकर पशु चिकित्सा एवं अन्य सेवाएं देंगे। पशुओं की सभी प्रकार की चिकित्सा सुविधा निशुल्क होगी।
इसके साथ ही स्वास्थ्य उप केंद्रों को नियमित एवं बेहतर रूप से संचालित कर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी तथा उन्हें टेलीफोन के जरिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, अनुमंडल अस्पताल एवं जिला अस्पतालों से जोड़ा जाएगा और लोगों को चिकित्सीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी । मधुमेह, उच्च रक्तचाप और मोतियाबिंद आदि बीमारियों के लिए स्क्रीनिंग की जाएगी एवं गंभीर बीमारी के मामलों को रेफर किया जाएगा। इसके साथ ही पैथोलॉजिकल जांच के लिए सैंपल एकत्र कर उनकी जांच की व्यवस्था भी की जाएगी।

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