October 24, 2020

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कोरोना को लेकर फैले डर और भ्रम को दूर करने की हो रही है कोशिश- स्वास्थ्य मंत्री

द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडया की ओर से वेबिनार का आयोजन

रांची:- द इंस्टीट्यूट ऑफ़ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया की रांची, जमशेदपुर और धनबाद शाखाओं के द्वारा संयुक्त रूप से आज “कोरोनावायरस – बचाव की योजना, प्रतिक्रिया और स्वाथ्य लाभ – एक्सपर्ट से पूछें“ विषय पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया।
इस वेबिनार में मुख्य अतिथि स्वास्थ्य बन्ना गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा जारी कि गयी दिशानिर्देश के अनुसार कोई भी व्यक्ति यदि वह बाहर से झारखण्ड में प्रवेश करता हो, चाहे वह हवाई मार्ग, रेल मार्ग या सड़क मार्ग हो उन्हें 14 दिन क्वारेंटीन होना होगा, लेकिन इसमें वैसे यात्री जो हवाई मार्ग से आते हैं लेकिन उन्हें तीन दिन के अंदर लौटना हो तो उन्हें इस नियम से छूट दी गयी है इसके लिए जो नियम बनाये गए है उन्हें पालन करना होगा। साथ ही उन्होंने बताया कि समाज में कोरोना को लेकर काफी डर और भ्रम भी पैदा हुई, इसे दूर करने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है और लोगों को जिन्हे भी लगे कि वे कोरोना वायरस से प्रभावित हुवे हैं उन्हें तुरंत अपनी जाँच करा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से पीड़ित व्यक्ति को जरुरी नहीं है कि वह हॉस्पिटल में ही डाल दिया जायेगा। सरकार ने इसके लिए जरुरी दिशानिर्देश दिए है जिनमे हल्का लक्षण है वे घर पर ही रहकर अपना इलाज कोरोना वायरस के दिशानिर्देश का पालन करते हुवे करा सकते है और करा भी रहे है।
इस वेबिनार में कोरोना के बारे में जानकारी देते हुवे डायबिटीज़ के सीनियर कंसलटेंट डॉ विनय ढांढनिया ने कहा कि कोरोना से सबसे ज्यादा खतरा वैसे शुगर रोगी जिनका शुगर लेवल अनियंत्रित रहता हो और जिनका बाईपास सेर्जेरी हुवा हो को है, इस कारण शुगर के मरीजों और बाईपास सेर्जेरी वालों को हमेश कोरोना से बचाव के नियम – सोशल डिस्टन्सिंग, बार बार हाथ धोना, मास्क लगाना और आवश्यकता के विना बहार निकलना और भीड़ – भाड़ से बचना आवश्यक है। मुंह में एक कपडा या रुमाल लगाने से संक्रमण नहीं रुकता है, लोगों को मास्क भी आई सी एम् आर के द्वारा अनुमोदित लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ज्यादा उम्र के रोगियों को यदि घर में अच्छी सुविधा हो और डॉक्टर कि सलाह प्राफ्त हो तो उन्हें घर पर ही रख कर ईलाज कराना चाहिए, क्योंकि उन्हें हॉस्पिटल में एकांतपन के कारण एंजाइटी का खतरा रहता है।
एसएनएम्एम्सीएच धनबाद के डॉ द्विवेदी पन्नगभूषण ने बताया कि यदि लक्षण कोरोना से मिलती हो जैसे सर्दी, नाक बहना, लगातार बुखार होना, शरीर में लगातार दर्द होना, कमजोरी लगना, स्वाद का नहीं होना तो हर हॉल में कोरोना जाँच करा लेनी चाहिए और जब तक जाँच रिपोर्ट नहीं आता तब तक अपने आप को क्वारेंटीन में रखना चाहिए, ताकि यदि रिपोर्ट पॉजिटिव भी हो तो दूसरे को कोरोना न फैले। और यदि रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो पुरे परिवार के सदस्यों कि जाँच करवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जाँच के लिए लोगों को घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि जाँच में वे सभी मानक अपनाया जाता है जिससे कि कोरोना वायरस का प्रसार नहीं हो। उन्होंने बताया कि कोरोना से ठीक हुवे व्यक्तियों को प्लाज़्मा डोनेट करने के लिए आगे आना चाहिए, प्लाज़्मा देना खून देने से भी आसान है और कोई भी व्यक्ति 15 के अंतराल में अपना प्लाज़्मा दे सकता है साथ ही उन्हें ही प्लाज़्मा देना चाहिए जो पुरे तरह कोरोना से ग्रसित रहे हों। । सिम्प्टन वालों का प्लाज़्मा उतनी प्रभावी नहीं होता है।
इस महत्वपूर्ण वेबिनार के आयोजन में सीए प्रवीण शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य सीए निशा अग्रवाल, सीए संदीप जालान, सीए विनीत अग्रवाल जमशेदपुर शाखा के सचिव सीए सुगम सरायवाला और उनके कार्यकारिणी सदस्य और धनबाद शाखा के सचिव सीए शिवम् अग्रवाल और कार्यकारिणी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान था।

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