October 25, 2020

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चावल कालाबाजारी में व्यवसाई के खिलाफ प्राथमिकी, बिरनी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी भी हुए प्रभार मुक्त

गिरिडीह:- एफसीआइ चावल कालाबाजारी में बिरनी के व्यवसाई सुरेश कुमार तर्वे समेत अन्य लोगों के खिलाफ बिरनी थाने में आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। बिरनी के अंचल अधिकारी संदीप कुमार मधेसिया ने शुक्रवार की रात यह प्राथमिकी दर्ज कराई है। उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा के निर्देश पर अंचल अधिकारी ने यह प्राथमिकी दर्ज कराई है। इधर, चावल कालाबाजारी के इस मामले में उपायुक्त ने बिरनी के प्रभारी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी संजय कुमार को प्रभार से मुक्त कर दिया है।

थाना प्रभारी सुरेश कुमार मंडल ने सीओ के आवेदन पर मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि कालाबाजारी के इस मामले में संलिप्त अन्य लोगों का पता किया जा रहा है। सभी लोगो की गिरफ्तारी शीघ्र होगी। वहीं, सुरेश कुमार तर्वे ने अपनी सफाई में उपायुक्त को आवेदन देकर कहा है कि यह चावल एफसीआइ का नहीं है। यह चावल दुकान में बेचने के लिए उसने पश्चिम बंगाल के वर्धवान के मलेश्वर राइस मिल प्राइवेट लिमिटेड से 13 अगस्त को मंगाया है।

क्या है मामला : तीन अक्टूबर की शाम को बगोदर-सरिया के एसडीएम राम कुमार मंडल एवं एसडीपीओ विनोद कुमार महतो के नेतृत्व में कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर उक्त व्यवसाई के गोदाम पर छापेमारी की गई थी। गोदाम से 437 एफसीआइ का चावल एवं 50 खाली बोरा बरामद किया गया था। एसडीएम ने एफसीआइ चावल होने की पुष्टि की थी। उन्होंने बताया था कि 437 बोरा एफसीआइ चावल को मैदा के सफेद बोरा में पलटा गया है। चावल के गोदाम से ही काफी मात्रा में एफसीआइ का खाली बोरा बरामद हुआ है। इससे प्रतीत होता है कि यह चावल एफसीआइ का चावल है।

मामले को ठंडे बस्ते में डालने की हुई पूरी कोशिश : एसडीएम की छोपमारी के बावजूद इस मामले को ठंडे बस्ते में डालने की पूरी कोशिश की गई थी। कई दिनों तक प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई। मामला उपायुक्त के संज्ञान में लाया गया। इसके बाद उपायुक्त ने प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया।

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