November 1, 2020

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वाराणसी के 18 लोगों को मिला डिजिटल घरौनी प्रमाण पत्र

वाराणसी:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रविवार को ‘स्वामित्व’ योजना के तहत छह राज्यों के 763 गांवों में भू-संपत्ति मालिकों को संपत्ति कार्ड वितरण कर इस योजना का शुभारंभ करने के बाद वाराणसी के 18 लोगों को जिलाधिकारी ने एक समारोह में डिजिटल घरौनी प्रमाण पत्र उपलब्ध कराये। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि आयुक्त सभागार में जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने राजस्व एवं पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के साथ वेबलिंक पर प्रधानमंत्री के संबोधन कार्यक्रम को देखा।
इस मौके पर श्री शर्मा ने राजातालाब तहसील के विकासखंड सेवापुरी के राजस्व ग्राम मड़ैया की सरस्वती, चंद्रावती, बीरमपुर के प्रशांत सिंह, राजेश सिंह, रसुलहा के विजय बहादुर, सरोजा देवी, फूलपत्ती, हिततापुर के कमलेश, उमाशंकर, मुंशी, रामजी, प्रेम कुमार, गणेश गौड़, लक्ष्मण, रानिक्स के दीनानाथ, रामउजागिर तथा राजस्व ग्राम देवापुर कला के बृजेश एवं जवाहिर सहित 18 लोगों को डिजिटल घरौनी प्रमाण पत्र उपलब्ध कराये। जिलाधिकारी के हाथों घरौनी के रूप में अपना सम्पत्ति प्रमाण पत्र पाकर लाभार्थियों के चेहरे चमक उठे। इसके अलावा “स्वामित्व योजना” के सभी नौ राजस्व ग्रामों के पंचायत भवन/सामुदायिक केन्द्र/प्राथमिक विद्यालय में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की उपस्थिति में 591 गृह स्वामियों को घरौनी का वितरण किया गया। जिलाधिकारी ने लाभार्थियों से वार्ता के दौरान आगामी 6 माह के अंदर घरौनी वितरण का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने प्रदेश के बाराबंकी जिले के राममिलन एवं रामरति के साथ ही अन्य प्रदेशों के लाभार्थियों से बातचीत कर आज उन्हें प्राप्त हुए प्रॉपर्टी प्रमाण पत्र के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना गांव में अनेकों विवाद समाप्त करने का माध्यम बनेगी। शोषित, वंचित, गरीबों, अनपढ़ सभी के लिए यह स्वामित्व योजना बड़ा कदम है। गांवों के बहुत से नौजवान आत्म विश्वास से आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं, प्रॉपर्टी का स्वामित्व अभिलेख मिलने से अब वे बैंकों से लोन प्राप्त कर सकेंगे। ‘स्वामित्व’ केंद्र सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एक योजना है। इसके बारे में प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस, 24 अप्रैल, को घोषणा की थी। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को ‘रिकॉर्ड ऑफ राइट्स’ देने के लिए संपत्ति कार्ड का वितरण किया जाना है। इस योजना का क्रियान्वयन 4 वर्ष में चरणबद्ध ढंग से किया जाएगा। इसे 2020 से 2024 के बीच पूरा किया जाना है और देश के 6.62 लाख गांवों को कवर किया जाना है। इसमें से एक लाख गावों को आरंभिक चरण (पायलट फेज) में 2000-21 के दौरान कवर किया जाएगा। स्वामित्व योजना के तहत अब तक एक करोड़ 31 लाख लोग पंजीकृत हो चुके हैं।

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