October 25, 2020

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आरबीआई गर्वनर बोले- देश का मूड अब उम्मीद और आत्मविश्वास की ओर

रेपो दर 4 फीसदी पर बरकरार रखी, मार्च 2021 तक जीडीपी ग्रोथ संभव

नई दिल्ली:- बैंकों की शीर्ष निगरानी संस्था भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दर रेपो को 4 प्रतिशत पर बरकरार रखा। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति की समीक्षा के बारे में जानकारी देते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आरबीआई आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने के लिये उदार रुख को बनाये रखेगा। नरम रुख से कोविड-19 से प्रभावित अर्थव्यववस्था को गति देने के लिये जरूरत पड़ने पर नीतिगत दरों में कटौती की जा सकती है। आरबीआई ने दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। आरबीआई ने रेपो रेट 4 फीसदी पर बरकरार रखा है। एमपीसी ने पॉलिसी पर नरम रुख कायम रखा है। पॉलिसी का एलान करते हुए आरबीआई गर्वनर शक्तिकांत दास ने कहा कि एमपीसी ने एकोमोडेटिव स्टेंस बरकरार रखा है। अर्थव्यवस्था में तेजी की उम्मीद बनी हुई है। हम बेहतर भविष्य के बारे में सोच रहे हैं। दुनियाभर की अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था निर्णायक स्तरों पर है। सभी सेक्टर की ग्रोथ सुधर रही है। अप्रैल-जून की गिरावट के बाद सुधार जारी है। सभी सांकेतिक आंकड़े सुधार की ओर संकेत कर रहे हैं। रबी फसलों का आउटलुक बेहतर दिख रहा है। कोविड रोकने से ज्यादा फोकस अब रिवाइवल पर है। देश में खाद्यान्न उत्पादन दोबारा रिकॉर्ड बना सकता है। देश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था सबसे ज्यादा मजबूत है। देश का मूड अब उम्मीद और आत्मविश्वास की ओर है। जनवरी-मार्च 2021 तक पॉजिटिव जीडीपी ग्रोथ संभव है।
उन्होंने आगे कहा कि इकोनॉमी में सेक्टर आधारित ग्रोथ दिखना संभव है। कृषि, कंज्यूमर, फार्मा में तेज रिकवरी संभव है। क्यू 4 तक जीडीपी ग्रोथ पॉजिटिव होने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2021 के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान -9.5फीसदी है। इस वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में जीडीपी में सुधार संभव है। इक्विटी मार्केट पर बात रखते हुए शक्तिकांत दास ने कहा कि शेयर बाजार और आरबीआई के बीच डिस्कनेक्ट है। लिक्विडिटी पर आरबीआई कुछ और कदम के लिए तैयार है। फाइनेंस नियमों और शर्तों में ढील देने की भी तैयारी है। हमारा फाइनेंस को आसान बनाने और ग्रोथ बढ़ाने पर फोकस है। इस लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए अगले हफ्ते 20,000 करोड़ रुपए का ओएमओ करेंगे। ओएमओ को बेहतर रिस्पॉन्स मिलने का अनुमान है।
आरबीआई गर्वनर ने आगे कहा कि बाजार में पर्याप्त नकदी मौजूद है। सितंबर की खाद्य महंगाई दर बढ़ना संभव है। अक्टूबर के महंगाई आंकड़ों में सुधार दिखेगा। ग्रोथ पटरी पर लाना एक तत्काल जरूरत है। इसको ध्यान में रखते हुए 1 लाख करोड़ रुपए के टेलटेरो लेकर आएंगे। कॉरपोरेट बॉन्ड, डिबेंचर में टेलटेरो निवेश होगा। टेलटेरो से बैंकों की लिक्विडिटी स्थिति सुधरेगी। बैंकों के क्रेडिट ग्रोथ में सुधार की उम्मीद है। ओएमओ के जरिए स्टेट बॉन्ड में भी निवेश किया जाएगा। बैंकों को कर्ज देने की लिमिट बढ़ाने की मंजूरी दी गई है। छोटे कर्जदारों के लिए 7.5 सीआर का कर्ज मंजूर किया गया है। बैंकों के लिए एचटीएम लिमिट 31 मार्च 2022 तक बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा की होमलेन के दर घटाने पर फोकस होगा। इसके लिए नए हाउसिंग लोन पर रिस्क वेटेज घटाया 31 मार्च 2022 तक के लिए घटाया गया है। उन्होंने ये भी बताया कि 24 घंटे आरटीजीएस उपलब्ध रखने का प्रस्ताव का भी प्रस्ताव है। आरबीआई गर्वनर ने ये भी कहा कि कोविड दोबारा बढ़ने का रिस्क अब भी है, इसलिए हमें सतर्कता बनाए रखने की जरूरत है।

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