October 28, 2020

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प्रीमियम एसयूवी से ऑफ रोडर का अनुभव देता है एमजी ग्लोस्टर

नयी दिल्ली:- यात्री वाहन बनाने वाली कंपनी एमजी मोटर इंडिया की नयी ऑटोनोमस (लेवल 1) प्रीमियम एसयूवी एमजी ग्लोस्टर न:न सिर्फ एसयूवी का बल्कि ऑफ रोडर का भी बेहतर अनुभव देती है।
कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक राजीव चाबा ने आज कहा कि ग्लोस्टर के शार्प और सेवीट्रिम इंटेलिजेंट ऑल-टेरेन सिस्टम प्रदान करते हैं जो वाहन के ऑफ-रोडिंग के दौरान कंट्रोल बढ़ाता है। इसमें एक डेडिकेटेड रियर डिफरेंशियल और बोर्गवार्नर ट्रांसफर केस, अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक शिफ्ट-ऑन-द-फ्लाई तकनीक है। दोनों सात अलग-अलग ड्राइविंग मोड के साथ आते हैं, जैसे स्नो, मड, सैंड, इको, स्पोर्ट, नॉर्मल और रॉक।उन्होंने कहा कि एलिगेंट डिज़ाइन और आकर्षकि एवं अत्याधुनिक फीचर से लैस यह प्रीमियम एसयूवी 4 इंटेंसिव वैरिएंट में उपलब्ध होगा जिसमें सुपर, स्मार्ट, शार्प और सेवी शामिल है। यह 6-सीटर और 7-सीटर, टू-व्हीलड्राइव और फोर-व्हीलड्राइव तथा ट्विन टर्बोचार्जड डीजल इंजन के साथ दो इंजन विकल्प शामिल हैं। सेवीट्रिम अपने ऑटोनॉमस लेवल 1 फीचरों एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम से लैस है। इसमें फॉरवर्ड कोलिजन वॉर्निंग, ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग, लेन डिपार्चर वार्निंग, ऑटोमैटिक पार्किंग असिस्ट और एडॉप्टिव क्रूज कंट्रोल भी शामिल हैं। उन्होंने इस एसयूवी में ऑफ रोडर के अनुभव का उल्लेख करते हुये कहा कि इसके चाराे पहिया अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी से नियंत्रित होते हैं जिससे वाहन को पथरीले, उबर खाबर, कीचड़ और रेत में भी आसानी से चलाया जा सकता है। इसमें 360 डिग्री कैमरा निगरानी की सुविधा दी गयी है जिसका वाहन चलाने के दौरान उपयोग किया जाता है।
समिति ने कोविड-19 के कारण चालू वित्त वर्ष में रियल जीडीपी में 9.5 फीसदी की गिरावट का अनुमान जताते हुये कहा कि अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में इसमें 20.6 फीसदी की बढोतरी दर्ज किये जाने की संभावना है। श्री दास ने कहा कि कोविड-19 के कारण बनी अनिश्चितता के कारण चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में विकास दर 9.8 प्रतिशत ऋणात्मक रहने का अनुमान है। तीसरी तिमाही में यह 5.6 प्रतिशत गिरावट में रह सकता है, जबकि चौथी तिमाही में इसमें 0.5 प्रतिशत की बढोतरी देखी जा सकती है। वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में इसमें 20.6 प्रतिशत की बढोतरी दर्ज किये जाने का अनुमान है।
गवर्नर ने मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी देते हुये कहा कि धीरे-धीरे अर्थव्यवस्था में सुधार हो रहा है। अर्थव्यवस्था से जुड़े कई मानकों से इसके संकेत मिले हैं। उन्होंने आने वाले दिनों में और सुधार की उम्मीद जताते हुये कहा कि कोरोना से पैदा हुए हालात को देखते हुए केंद्रीय बैंक अपनी मौद्रिक नीति को लचीला बनाए रखेगा।
उन्होंने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में खुदरा महँगाई के 6.8 प्रतिशत पर रहने का अनुमान व्यक्त करते हुये कहा कि चालू वित्त वर्ष में रिकॉर्ड फसल पैदावार की संभावना है। इसके बल पर अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में महँगाई के 4.3 प्रतिशत पर रहने का अनुमान है। हालांकि चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में यह 5.4 प्रतिशत से 4.5 प्रतिशत के बीच रह सकता है।
उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को मदद देने में गैर बैंकिंग वित्तीय क्षेत्र की बड़ी भूमिका है। देश की अर्थव्यवस्था में विनिर्माण क्षेत्र को मदद देने में भी इसकी बड़ी भूमिका सामने आई है। छोटे एवं मझोले कारोबार को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए रिजर्व बैंक ने नयी पहल की है। इसके तहत समग्र खुदरा ऋण की सीमा में बढोतरी की गयी है। पचास करोड़ रुपये तक की वार्षिक आय या कारोबार के लिए पाँच करोड़ रुपये की ऋण सीमा थी जिसे अब बढ़ाकर 7.5 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे छोटे कारोबारियों के लिए पूँजी प्रवाह बढ़ने की उम्मीद है।
गवर्नर ने कहा कि अब तक व्यक्तिगत आवास ऋण के लिए ऋण और आवास की कीमत के अनुपात पर जोखिम वितरित है, लेकिन आर्थिक गतिविधियों और रोजगार सृजन में रियल एस्टेट क्षेत्र की महती भूमिका को देखते हुये जोखिम निर्धारण को तर्कसंगत बनाने का निर्णय लिया गया है। एकतीस मार्च 2022 तक के सभी नये आवास ऋण को सिर्फ ऋण और आवास की कीमत अनुपात से जोड़ा जायेगा जिससे रियल एस्टेट क्षेत्र में तेज बढोतरी होने का अनुमान है।
उन्होंने कहा कि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए रिजर्व बैंक ने विदेशी खरीदारों से मोलभाव करने के लिए उन्हें अधिक सुविधा देने की घोषणा की है। सिस्टम आधारित ऑटोमेटिक कॉशन लिस्टिंग की मदद से इस तरह के जोखिम को कम करने की कोशिश की जाएगी।

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