October 30, 2020

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मरीज की मौत मामले में डायलिसिस सेंटर को कराया बंद, पंजी जब्त

जामताड़ा:- 30 जून को सदर अस्पताल स्थित डायलिसिस केंद्र में दुमका निवासी रतन साधु की मौत मामले में गुरुवार को एसडीओ संजय पांडेय जांच करने पहुंचे। गुरुवार को जांच के बाद एसडीओ ने डायलिसिस सेंटर को बंद करा दिया है। बताया जाता है कि डॉक्टर की अनुपस्थिति में तकनीशियन द्वारा डायलिसिस किए जाने के क्रम में साधु की मौत हो गई थी।

अबतक कई चरणों में इस मामले की जांच हो चुकी है। गुरुवार को उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी सदर अस्पताल पहुंचे। इस दौरान डायलिसिस सेंटर में प्रतिनियुक्त कर्मी से केंद्र संचालन व मौत मामले में पूछताछ की। एसडीओ ने डायलिसिस केंद्र से कई पंजी जब्त की।

पत्नी व पुत्री ने बयान दर्ज: जांच के क्रम में दुमका से पहुंची रतन साधु की पुत्री वृष्टि साधु तथा पत्नी से भी एसडीओ ने पूछताछ की। पुत्री ने ने बताया कि पिताजी उसके साथ पैदल चलकर डायलिसिस कराने केंद्र पहुंचे थे। चिकित्सक की अनुपस्थिति में तकनीशियन ने गलत तरीके से डायलिसिस की। इससे पिता की मौत हो गई। अब न्याय चाहिए।

डायलिसिस केंद्र बंद करने का निर्देश: निरीक्षण के क्रम में डायलिसिस केंद्र के कर्मी दिवाकर तथा विश्वजीत कई दस्तावेज एसडीओ को उपलब्ध नहीं करा पाए। पूछताछ में कई सवालों के जवाब से भी एसडीओ संतुष्ट नहीं थे। निरीक्षण के उपरांत अनुमंडल पदाधिकारी ने तत्काल डायलिसिस केंद्र बंद करने का निर्देश दिया। दोनों पक्षों को 10 अक्टूबर को फिर यहां उपस्थित रहकर जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया।

परिजनों ने लगाया है लापरवाही का आरोप: 30 जून को डायलिसिस सेंटर में दुमका के रतन साधु की मौत हो गई थी। मामले में साधु के परिजन डायलिसिस कर रहे तकनीशियन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। उपायुक्त से मामले की शिकायत की गई थी। इसपर उपायुक्त ने सीएस व उक्त संस्था के प्रबंधक को शोकॉज कर प्रशासनिक जांच शुरू करने का निर्देश दिया था।

फ्रिज में दवा की जगह मिला कर्मियों का नाश्ता: गुरुवार को जांच के दौरान दवा रखे जानेवाले फ्रिज में सेंटर के कर्मियों का नाश्ता मिला। इसमें चूड़ा, सेवई व अन्य खाद्य सामग्री पड़ी थी। इसपर एसडीओ ने नाराजगी जताई। जांच के दौरान मात्र दो तकनीशियन तैनात थे। अन्य कर्मी नदारद मिले। तकनीशियन दिवाकर कुमार व विश्वजीत मंडल अपने शिक्षण संस्थान का नाम तक नहीं बता सके। दोनों ने एसडीओ के समक्ष यह भी स्वीकार किया कि बिना चिकित्सक के ही सेंटर में डायलिसिस का कार्य किया जाता है। एसडीओ ने दोनों तकनीशियन से लिखित जवाब मांगा। वहीं रितेश मेडिकल के मालिक को भी नोटिस भेजा। इसी दुकान से रतन साधु की डायलिसिस के दिन दवा-सूई की खरीदारी की गई थी।

दुमका निवासी रतन साधु की मौत मामले की जांच हो रही है। जल्द पता चल जाएगा कि मामले में जिम्मेदार कौन है। संबंधित दस्तावेज से हर बिंदु का मिलान किया जा रहा है।

संजय कुमार पांडेय, अनुमंडल पदाधिकारी, जामताड़ा।

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