October 28, 2020

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नवीन स्वदेशी प्रौद्योगिकियों से ‘आत्म निर्भर’ बनेगा भारत: डॉ. हर्ष वर्धन

डॉ. हर्ष वर्धन ने बारापुला नाला स्थल पर डीबीटी-बीआईआरएसी क्लीन टेक डेमो पार्क का उद्घाटन किया

नई दिल्ली:- केन्द्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने बृहस्पतिवार को सरायकाले खां, सनडायल पार्क के निकट बारापुला नाला स्थल पर डीबीटी-बीआईआरएसी क्लीन टेक डेमो पार्क का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। इस अवसर पर दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल, जैव प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव रेनू स्वरूप, अन्य अधिकारी, वैज्ञानिक और नवाचार विशेषज्ञ उपस्थित थे। डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि यह क्लीन टेक डेमो पार्क न केवल निवेशकों अपितु विद्यार्थियों तथा सामान्यजन के लिए जागरूकता और कचरा प्रबंधन के स्वच्छ प्रौद्योगिकीय समाधान को लोकप्रिय बनाने के लिए आकर्षक होगा। उन्होंने यह भी कहा कि सीवेज और औद्योगिक वेस्ट वाटर के उपचार के लिए विकसित नवीन स्वदेशी प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा तथा इनका व्यापक प्रचार किया जाना चाहिए, ताकि इनका व्यावसायीकरण और स्वच्छ भारत और आत्म निर्भर भारत के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए इनको अपनाया जाना जा सके। दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने जैव प्रौद्योगिकी विभाग की पहल का स्वागत किया और कहा कि भूमि और जल महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन हैं। उन्होंने कहा कि जैव प्रौद्योगिकी विभाग की इस पहल को दिल्ली विकास प्राधिकरण की ओर से सहयोग और समर्थन मिलेगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इन बहुमूल्य संसाधनों का संरक्षण हो। जैव प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव डॉ. रेनू स्वरूप ने कहा कि स्वच्छ प्रौद्योगिकी वेस्ट टू वेल्यू प्रदर्शन पार्क जैव प्रौद्योगिकी विभाग की महत्वपूर्ण पहल है, ताकि इन प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने के लिए इनकी व्यवहारिकता का प्रदर्शन किया जा सके। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय निकायों और अन्य पक्षों के साथ बड़े स्तर पर प्रौद्योगिकी के उपयोग के लिए भागीदारी को प्रोत्साहन मिलेगा। इस डीबीटी-बीआईआरएसी क्लीन टेक डेमो पार्क का उपयोग भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग और इस विभाग के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस (बीआईआरएसी) के सहयोग से वेस्ट टू वेल्यू नवाचार प्रौद्योगिकी को प्रदर्शित करने के लिए किया जाएगा। इस पार्क का प्रबंधन क्लीन एनर्जी इंटरनेशनल इनक्यूबेशन सेंटर (सीईआईआईसी) द्वारा किया जाएगा। यह डीबीटी, बीआईआरएसी और टाटा पावर द्वारा संयुक्त रूप से स्थापित एक सरकारी निजी भागीदारी का इनक्यूबेटर है। इस अवसर पर डीबीटी और बीआईआरएसी के सहयोग से कुछ अन्य कचरा उपचार प्रौद्योगिकियों का वर्चुअल प्रदर्शन किया गया। इसका उद्देश्य स्वच्छ भारत अभियान के प्रयासों में योगदान देना है। जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत विकास, प्रदर्शन और बायोमिथेनेशन, निर्मित वेटलैंड, शैवाल (अलगाल) युक्त ट्रीटमेंट और वाटर मेम्बरेन फिलट्रेशन समेत नवाचार स्वच्छ वेस्ट टू वेल्यू प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं। डेनमार्क के सहयोग से डीबीटी-डीईएसएमआई परियोजना के अंतर्गत बारापुला नाला में फलोटिंग डेबरी (तैरते कचरे) की सफाई और नीदरलैंड के सहयोग से लोटस-एचआर परियोजना के तहत किया जा रहा कार्य पहले ही सफलतापूर्वक बारापुला नाले के स्थल पर प्रदर्शित किया गया था। देश के विभिन्न स्थानों पर स्टार्टअप द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों को भी इस पार्क के स्थल पर दिखाया जाएगा।

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