October 28, 2020

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राजग में शामिल हुई वीआईपी को मिली 11 सीट

पटना:- महागठबंधन से नाता तोड़ चुकी विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) आज औपचारिक रूप से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल हो गई और उसे बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए 11 सीटें दी गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने बुधवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में वीआईपी अध्यक्ष मुकेश सहनी एवं भाजपा के अन्य नेताओं की उपस्थिति में कहा कि श्री सहनी भाजपा को बिहार में वर्ष 2014 के लाेकसभा चुनाव से ही सहयोग करते आ रहे हैं। साथ ही उन्होंने वर्ष 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा को मदद की थी। उन्होंने कहा कि सहनी अति पिछड़ा वर्ग के नेता हैं और भाजपा इस वर्ग के लोगों को लंबे समय से महत्व देती रही है। डॉ. जायसवाल ने कहा कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के निर्णय के अनुसार, बिहार विधानसभा चुनाव में वीआईपी को 11 सीटें दी गई हैं तथा भविष्य में उसे बिहार विधान परिषद के लिए भी एक सीट दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राजग में सीटों के तालमेल के तहत भाजपा के खाते में आई 121 सीट में से ही 11 सीट वीआईपी को दी गई है। इसी तरह घटक जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने भी अपने कोटे की 122 में से सात सीट हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को दी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इस बार के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान यदि राजग के घटक दल के अलावा कोई भी दल प्रधानमंत्री की फोटो का इस्तेमाल करेगा तो भाजपा के उस दल से संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा के स्टार प्रचारक हैं इसलिए चुनाव प्रचार के दौरान केवल राजग के घटक दलों को ही उनकी तस्वीर का प्रयोग करने का अधिकार है। इस मौके पर भाजपा के बिहार चुनाव प्रभारी एवं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक सवाल के जवाब में कहा कि यदि भाजपा नेता किसी दूसरी पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़ेंगे तो उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया जाएगा और इसमें कोई संदेह भी नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने नेताओं को हिदायत दे दी है कि यदि किसी भी कारण से उन्हें पार्टी टिकट नहीं मिल पाया है तो वे किसी दूसरे दल के सिंबल पर चुनाव न लड़ें। बिहार के उप मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा कि महागठबंधन में पिछड़े और अति पिछड़ों के लिए कोई सम्मान नहीं है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वर्ष 2017 में नाता तोड़ने के बाद से ही महागठबंधन की कोई प्रासंगिकता नहीं बची है। वहीं, पिछले कुछ दिनों में पूर्व मुख्यमंत्री एवं हम के अध्यक्ष जीतनराम मांझी, पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) और अब वीआईपी के मुकेश सहनी भी महागठबंधन से अलग हो गए हैं। वहीं, वीआईपी के अध्यक्ष मुकेश सहनी ने कहा कि राजद ने विधानसभा चुनाव में सीट दिए जाने का वादा कर उनकी पीठ में छुरा घोंपा है। साथ ही राजद ने महागठबंधन की सरकार बनने पर उन्हें उप मुख्यमंत्री बनाने का भी वादा किया गया था लेकिन उनके विश्वासघात किया गया। इन सब कारण से महागठबंधन से नाता तोड़ वह राजग में शामिल हो गए।

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