October 28, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

पीएम मोदी के मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा मिलेगा

नई दिल्ली:- इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने पीएलआई योजना के तहत 16 पात्र आवेदकों को मंजूरी दे दी है। 1 अप्रैल 2020 को अधिसूचित की गई उत्पादन से संबद्ध प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) के तहत बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए आधार वर्ष (वित्त वर्ष 2019-20) के बाद पांच वर्षों की अवधि के लिए, भारत में पात्र कंपनियों को निर्मित लक्षित खंड के तहत माल की वृद्धिशील बिक्री (आधार वर्ष से अधिक) पर 4 प्रतिशत से 6 प्रतिशत तक प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। पीएलआई योजना के तहत पात्र आवेदकों को मंजूरी देते हुए, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी, संचार, कानून और न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वैश्विक स्तर के साथ-साथ स्थानीय स्तर की मोबाइल फोन निर्माता कंपनियों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निर्माताओं से प्राप्त आवेदनों के मामले में पीएलआई योजना को बड़ी सफलता मिली है। विश्व स्तरीय विनिर्माण गंतव्य के रूप में इस उद्योग ने भारत की शानदार प्रगति में फिर से विश्वास दिलाया है और यह प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के आह्वान को दृढ़ता से प्रतिध्वनित करेगा। माननीय मंत्री महोदय ने आगे कहा कि हम आशावादी हैं और मूल्य श्रृंखला में एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं के साथ जुड़ने के लिए उत्सुक हैं, जिससे देश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत किया जा सके। मोबाइल फोन (15,000 रुपये और उससे अधिक की कीमत वाले) सेगमेंट के तहत अनुमोदित अंतरराष्ट्रीय मोबाइल फोन निर्माता कंपनियां सैमसंग, फॉक्सकॉन हॉन हाई, राइजिंग स्टार, विस्ट्रॉन और पेगट्रॉन हैं। इनमें से फॉक्सकॉन होन हाई, विस्ट्रॉन और पेगट्रॉन नामक 3 कंपनियां एप्पल आईफोन के लिए कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स हैं। एप्पल (37%) और सैमसंग (22%) दोनों मिलकर मोबाइल फोन के वैश्विक बिक्री राजस्व के लगभग 60% कब्जा रखते हैं और इस योजना से देश में उनके विनिर्माण आधार में कई गुना वृद्धि होने की उम्मीद है। मोबाइल फोन (घरेलू कंपनियों) सेगमेंट के अंतर्गत, लावा, भगवती (माइक्रोमैक्स), पैडेट इलेक्ट्रॉनिक्स, यूटीएल नियोलिंक्स और ऑप्टिमस इलेक्ट्रॉनिक्स सहित भारतीय कंपनियों को इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा अनुमोदित किया है। इन कंपनियों से अपने विनिर्माण कार्यों का महत्वपूर्ण तरीके से विस्तार करने और मोबाइल फोन उत्पादन में राष्ट्रीय दिग्गज कंपनियों के रूप में विकसित होने की उम्मीद है । 6 कंपनियों को निर्दिष्ट इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सेगमेंट के तहत मंजूरी दी गई है जिसमें एटी एंड एस, असेंट सर्किट, विस्कॉन, वाल्सिन, सहसरा और नियोलिंक शामिल हैं।

Recent Posts

%d bloggers like this: