October 24, 2020

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देश के पारिस्थितिकी तंत्र को आगे बढ़ाने के लिए भारत का जनसांख्यिकीय लाभांश संसाधन कुशल पेशेवरों के पूल को बढ़ावा देने में अहम: मंत्री रविशंकर

नई दिल्ली:- प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कल रेज़ 2020 – रिस्‍पोंसिबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फॉर सोशल इम्‍पावरमेंट 2020 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, संचार, कानून एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद,ट्यूरिंग अवार्डी पद्म‍भूषण से सम्‍मानित एवं पूर्व सह-अध्‍यक्ष, अमेरिकी राष्‍ट्रपति सूचना प्रौद्योगिकी सलाहकार समिति प्रो. राज रेड्डी, रिलायंस इंडस्‍ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अंबानी, सीईओ आईबीएम इंडिया डॉ. अरविंद कृष्‍ण, नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत और इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स एवं आईटी मंत्रालय में सचिव अजय प्रकाश साहनी भी उपस्थित थे। 5 अक्‍टूबर से 9 अक्‍टूबर तक इस शिखर सम्‍मेलन में 45 सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें शिक्षा, उद्योग क्षेत्र और सरकार के लगभग 300 वक्‍ता भाग लेंगे। पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि इतिहास के हर कदम परभारत ने ज्ञान और शिक्षा के क्षेत्र में विश्‍व का नेतृत्व किया है। आज आईटी के इस युग में भीभारत उत्कृष्ट योगदान दे रहा है। उन्होंने भारत को दुनिया काएआई केन्‍द्र बनाने की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। मोदी ने कहा किभारत ने अपने आपको वैश्विक आईटी सेवा उद्योग का पावरहाउस भी सिद्ध कर दिया है। हम चाहते हैं कि भारत एआई के लिए वैश्विक केन्‍द्र बनें। अनेक भारतीय पहले ही इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं। मुझे उम्‍मीद है कि आने वाले समय में इस क्षेत्र में इससे भी अधिक लोग काम करेंगे। इसके लिए हमारा दृष्टिकोण टीमवर्क, विश्वास, सहयोग, जिम्मेदारी और समग्रता के मुख्य सिद्धांतों द्वारा संचालित है।
पीएम मोदी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर भारत का राष्‍ट्रीय कार्यक्रम सामाजिक समस्‍याओं के समाधान में एआई के उचित उपयोग के प्रति समर्पित होगा। उन्‍होंने इस बात पर जोर दिया कि हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मानव बौद्धिकता हमेशा एआई से कुछ कदम आगे रहे।जब हम एआई के बारे में चर्चा करते हैं, तो हमें इसबारे में कोई संदेह नहीं है कि मानव रचनात्मकता और मानवीय भावनाएं हमारी सबसे बड़ी ताकत बनी हुई हैं। यह भावनाएं मशीनों पर हमारा विशिष्‍ट लाभ हैं। यहां तक कि अच्‍छी से अच्‍छीएआईभी हमारी बुद्धि के साथ मिश्रण किए बिना मानव जाति की समस्याओं को हल नहीं कर सकती है।
रविशंकर प्रसाद ने भारत सरकार द्वारा देश में एआई क्षमताओं का विकास करने पर जोर देने के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने एआई उत्‍कृष्‍टता के केन्‍द्र स्थापित किए हैं और ऐसे अधिक सेअधिक केन्‍द्र युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए स्थापित किए जाएंगे। उन्‍होंने कहा कि कई बार प्रौद्योगिकी बहुत अभिभूत कर देती है,लेकिन हम विकास और समानता को बढ़ावा देने में एआई का स्वागत करते हैं। भारत का जनसांख्यिकीय लाभांश संसाधन देश केएआई पारिस्थितिकी तंत्र को आगे ले जाने के लिए कुशल पेशेवरों के पूल को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भारत काएआईकार्यान्‍वयन विश्‍व के लिए प्रकाश स्‍तंभ बन जाएगा।
वही मुकेश अंबानी ने कहा कि भारत के पास एक अरब से अधिक भारतीयों द्वारा सृजित डेटा की शक्ति है, जो इसे विश्‍व का एक शीर्ष एआई खिलाड़ी बनने के लिए प्रेरित करेगी। अंबानी ने कहाकिजब 1.3 बिलियन भारतीय डिजिटल रूप से सशक्ते होंगे तो वे समाज में त्‍वरित विकास, जीवन के बेहतर मानक और बेहतर अवसरों के सृजन में डिजिटल उद्यमों के प्रसार को बढ़ावा देंगे। स्‍वतंत्र अध्‍ययनों के अनुसार एआई में भारत की वार्षिक वृद्धि दर 1.3 प्रतिशत बढ़ाने और 2035तक देश की अर्थव्यवस्था में 957 बिलियन अमरीकी डालर की बढ़ोतरी करने की क्षमता है।

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