October 27, 2020

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जेवर हवाई अड्डे से 2024 में शुरू होगी उड़ान

ग्रेटर नोएडा:- उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से पहली उड़ान वर्ष 2024 में शुरू होगी। नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के विकास, रखरखाव और परिचालन के लिए आज उत्तर प्रदेश सरकार ने जूरिक एयरपोर्ट इंटरनेशनल के साथ एक रियायत करार पर हस्ताक्षर किया। इसके बाद हवाई अड्डे का निर्माण कार्य अब शुरू हो सकेगा। इसे बनाने के साथ ही जुरिक एयरपोर्ट इंटरनेशनल को 40 साल तक हवाई अड्डे के परिचालन और रखरखाव का अधिकार भी मिल गया है। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अरुण वीर सिंह और जुरिक एयरपोर्ट इंटरनेशनल की ओर से यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ क्रिस्टॉफ श्नेलमान ने करार दस्तावेज पर हस्ताक्षर किये। सिंह ने बताया कि सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों की आवाजाही के लिए एक रनवे के साथ हवाई अड्डे के निर्माण का पहला चरण वित्त वर्ष 2023-24 तक पूरा किया जायेगा और वर्ष 2024 में उड़ान शुरू होगी। पहले चरण में निर्माण पर 4,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। हवाई अड्डे पूर्ण विकास चार चरणों में होगा। चौथे चरण तक 30 हजार करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है। चारों चरण पूरा होने के बाद इसकी क्षमता सालाना सात करोड़ यात्रियों की होगी और यहाँ दो रनवे बनेगा। जेवर हवाई अड्डा पूरी तरह से डिजिटल होगा और इसे शुद्ध रूप से शून्य उत्सर्जन परिसर के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है। जेवर हवाई अड्डे में 37.50 प्रतिशत हिस्सेदारी उत्तर प्रदेश सरकारी की और इतनी ही हिस्सेदारी नोएडा प्राधिकरण की है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की हिस्सेदारी 12.50 प्रतिशत और शेष 12.50 प्रतिशत हिस्सेदारी वाईईआईडीए की है। यह हवाई अड्डा दिल्ली के इंदिरा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का विकल्प बनेगा। इसे मेट्रो से जोड़ने की भी स्थानीय प्रशासन की योजना है। उत्तर प्रदेश सरकार में नागर विमानन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने कहा कि यह हवाई अड्डा उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास का अगला इंजन साबित होगा। हवाई अड्डे पर सीधे 10 करोड़ रुपये का और दीर्घावधि में 50 से 60 करोड़ रुपये का निवेश आयेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि निर्माण कार्य समय पर पूरा हो जायेगा।

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