October 20, 2020

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साजिश रचने में भाजपा को महारत हासिल : अखिलेश

लखनऊ:- समाजवादी पार्टी(सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) पर मीठी मीठी बातें करके झूठ और कुप्रचार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि साजिश रचने में भाजपा को महारत हासिल है, इसमें किसी को कोई संदेह नहीं है। यादव ने बुधवार को यहां जारी बयान में कहा कि भाजपा और आरएसएस दोनों का चरित्र संदिग्ध पाया जाता है। इनकी कथनी और करनी में जमीन आसमान का अंतर पाया जाता है। कहने को बड़े-बड़े वादे, मीठी-मीठी बातें लेकिन हकीकत में झूठ और कुप्रचार ही दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को विपक्ष से शिकायतें ही शिकायतें हैं। हर समय उन्हें अपनी कुर्सी जाने का डर सताता है। कभी उन्हें कोई साजिश दिखती है तो कभी विपक्ष के पास विज़न न होने की शिकायत होती है। सच्चाई इसके उलट है। साजिश रचने में भाजपा की महारत में तनिक भी किसी को संदेह नहीं। अफवाहबाजी में उनका जवाब नही। रही बात विजन की तो भाजपा का विजन साफ है, समाज को बांटना और नफरत पैदाकर सामाजिक सद्भाव को नष्ट करना है। यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री को इधर-उधर की बहानेबाजी छोड़कर बताना चाहिए कि उत्तर प्रदेश साढ़े तीन वर्षों में तबाही के रास्ते पर क्यों चला गया। मुख्यमंत्री न तो किसानों-नौजवानों का हित कर पाए हैं और नहीं बहू-बेटियों की इज्जत बचा पाते हैं। हर तरह से असफल भाजपा सरकार प्रदेश की जनता पर भार बन गई है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सरकारी झूठ का ताजा नमूना है कि अच्छी क्वालिटी के धान का अधिकतम सरकारी रेट 1888 रूपये प्रतिकुंतल निर्धारित है जबकि किसान 1000 से लेकर 1300 रूपए प्रति कुंतल तक बेचने को मजबूर है। किसान की दुगनी आय का यही तरीका है। किसान को अगली फसल बोने के लिए खाद, बीज, डीजल, कीटनाशक की जरूरत पर कर्ज लेना ही होगा। जब कर्ज से उबरने का कोई तरीका नहीं दिखता है तो किसान आत्महत्या कर लेता है। यादव ने कहा कि महाराजगंज सदर के ग्राम मौजा पोस्ट चेहरी पिपरा रसूलपुर सदर के विकासखण्ड सदर के किसानों ने पाइनियर कम्पनी का अच्छा बीज समझकर 360 रूपए प्रति किलो के हिसाब से खरीद कर खेत में धान की रोपाई की, लेकिन बाली निकलने के बाद उसमें दाने नहीं आये हैं। अब किसान क्या करें। पढ़ा लिखा नौजवान मारा-मारा घूम रहा है। प्रदेश में न तो पूंजी निवेश हो रहा है और नहीं नए उद्योग लग रहे है। रोजगार के अवसर सृजित होने के बजाय बाधित होते जा रहे है। भर्तियों का हल्ला है पर छंटनी का जोर है। स्कूल कालेज बंद है पर अभिभावकों पर फीस जमा करने का दबाव है। गांवों में बिजली नहीं, नेट कनेक्शन नहीं, लैपटाप-स्मार्टफोन नहीं पर सरकार ऑनलाइन पढ़ाई के कसीदे पढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हाथरस में एक बार फिर हैवानित हुई है। इगलास में छह साल की बच्ची से रेप और इलाज के बीच बेटी को दम तोड़ देना अत्यंत दुःखद। एक बेटी पर हुए अत्याचार को विपक्षी साजिश बता आधीरात में उसका शव जलाने वाली निर्लज्ज सरकार अब क्या बहाना पेश करेगी

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