October 27, 2020

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उत्‍तर प्रदेश में प्रथम कोबास 6800 मशीन का शुभारंभ : स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री हर्षवर्धन

नई दिल्ली:- केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के साथ कोविड के इलाज के लिए समर्पित अस्पताल के तौर पर प्रयागराज के मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। कोविड अस्‍पताल के रूप में इस 220 बेड वाली सुविधा को राष्‍ट्र को समर्पित किया है। केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने उत्‍तर प्रदेश में भारतीय चिकित्‍सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा इसके क्षेत्रीय स्तर पर संतुलित कोविड जांच रणनीति पर काम करने के लिए स्‍थापित कोबास 6800 मशीन का भी शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के तहत 150 करोड़ रुपये की लागत से इस सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक का निर्माण किया है। इसमें न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, एंडोक्रिनोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी विभाग शामिल हैं। इस सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में 7 ऑपरेशन थियेटर, 233 सुपर स्‍पेशियलिटी बेड, 52 आईसीयू बेड, 13 डायलिसिस बेड होंगे। इस इकाई में 24 स्‍नातकोत्‍तर छात्रों की प्रशिक्षण क्षमता होगी। उच्‍च क्षमता वाली कोबास 6800 मशीन का शुभारंभ करते हुए, डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, ‘कोविड-19 के तत्‍काल पीसीआर परीक्षण के लिए कोबास 6800 एक पूर्ण स्‍वचालित, अत्‍याधुनिक मशीन है, जिससे 24 घंटे में लगभग 1200 नमूनों की गुणवत्‍तापूर्ण जांच करना संभव होगा। कोबास 6800 से वायरल हेपेटाइटिस बी और सी, एचआईवी, एमटीबी (रिफाम्पिसिन और आइसोनियाजाइड रोधक), पैपिलोमा, साइटोमेगालोवायरस, क्लैमाइडिया, नेइसेरेरिया आदि’ जैसे अन्‍य पैथोजनों का भी पता चल पाएगा।’ उन्‍होंने कहा कि सीमित मानवीय हस्‍तक्षेप के साथ इसे दूर से ही संचालित किया जा सकता है।
स्‍वास्‍थ्‍य सेवा के क्षेत्र में क्षेत्रीय असंतुलन को समाप्‍त करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता के लिए एक मार्गदर्शक उद्घोष के रूप में स्‍व. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के 2003 के स्‍वतंत्रता दिवस संबोधन का स्‍मरण करते हुए, डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्व. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सपने को पूरा किया। एम्‍स अस्‍पतालों की संख्‍या को 6 से बढ़ाकर 22 किया है, जबकि अन्‍य 75 मौजूदा संस्‍थानों का उन्‍नयन कर एम्‍स अस्‍पतालों जैसी सेवा प्रदान करने के लायक बनाया जा रहा है। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने के लिए उत्‍तर प्रदेश और बिहार के लिए दो नये एम्‍स अस्‍पताल आबंटित किए गए हैं। एम्‍स रायबरेली में ओपीडी सेवाओं तथा स्‍नातक कक्षाओं के संचालन के साथ उत्‍तर प्रदेश के दोनों एम्‍स अस्‍पतालों का काम पूरा होने के उन्‍नत चरण में है। प्रधानमंत्री स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा योजना के विभिन्‍न चरणों के तहत एसजीपीजीआईएमएस- लखनऊ, चिकित्सा विज्ञान संस्थान-बीएसयू-वाराणसी, जवाहरलाल नेहरू चिकित्‍सा महाविद्यालय-एएमयू-अलीगढ़, महारानी लक्ष्मी बाई चिकित्‍सा महाविद्यालय-झांसी, बीआरडी चिकित्‍सा महाविद्यालय-गोरखपुर, एलएलआरएम चिकित्‍सा महाविद्यालय- मेरठ में अतिविशिष्‍ट खंडों/ट्रामा सेंटरों का काम पूरा हो गया है, जबकि गवर्नमेंट चिकित्‍सा महाविद्यालय-आगरा, गवर्नमेंट चिकित्‍सा महाविद्यालय-कानपुर में सुविधाओं, स्‍वास्‍थ्‍य विज्ञान संस्‍थान-बीएचयू-वाराणसी में आरआईओ का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। उन्‍होंने सभी उपस्थित लोगों को बताया कि राज्‍य में 13 नये चिकित्‍सा महाविद्यालयों की योजना है, जिससे राज्‍य में पिछले ढा़ई वर्षों के दौरान चिकित्‍सा महाविद्यालयों की कुल संख्‍या 27 हो जाएगी। ये चिकित्‍सा महाविद्यालय बिजनौर, गोंडा, ललितपुर, चंदौली, बुलंदशहर, पीलीभीत, कौशाम्बी, अमेठी, कानपुर देहात, सुल्तानपुर, लखीमपुर, औरैया और सोनभद्र जिलों में स्थापित किए जाएंगे।

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