October 19, 2020

अनावरण न्यूज़

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कृषि कानून के खिलाफ कांग्रेस किसान सम्मेलन 10 को

प्रदेश अध्यक्ष ने तैयारियों को लेकर बैठक की

रांची:- संसदीय परंपराओं और नियमों की अनदेखी कर संसद में पारित तीन कृषि बिल के खिलाफ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार आगामी 10 अक्टूबर को देश भर में किसान सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इसी क्रम में 10 अक्टूबर को झारखंड की राजधानी रांची में मोराबादी स्थित संगम गार्डन में राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन आयोजित की गई है। सम्मेलन की सफलता के लिए रणनीति तय करने को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव की अध्यक्षता में कांग्रेस भवन में बैठक हुई। बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि 10 अक्टूबर को राज्य के सभी जिलों से किसानों के प्रतिनिधि सम्मिलित होंगे और अपने विचार रखेंगे।डा उराँव ने कहा पार्टी की ओर से 2 अक्टूबर को सत्याग्रह का कार्यक्रम किया गया और 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से किसानों की भावनाओं से राष्ट्रपति को एआईसीसी के माध्यम से हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन सौंपा जाएगा।प्रदेश अध्यक्ष ने कहा भंडारण की सीमा को खत्म कर जमाखोरी बढ़ाने, कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग से पूंजीवाद को बढ़ावा देने के केंद्र के फैसले से किसान को भारी नुकसान होगा, किसान और उपभोक्ता दोनों को हानि होगी। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कांग्रेस हमेशा किसानों के साथ खड़ी रही है, कांग्रेस का जन्म ही किसानों के लिए हुआ है,कई किसान आंदोलन हुए ,गांधी जी के नेतृत्व में चंपारण तो सरदार पटेल के नेतृत्व मेंखेड़ा, वर्दोली का किसान आन्दोलन। आजाद हिंदुस्तान में पंचवर्षीय योजनाओं के माध्यम से किसानों को और कृषि को महत्व दिया गया जबकि केन्द्र सरकार इस पूरी व्यवस्था को खत्म करना चाहती है,किसान जो हरियाली का फसल काट रही है उसको तबाह करने पर केंद्र की सरकार पड़ी हुई है इसे लेकर हमारा संघर्ष और आंदोलन जारी रहेगा ।
बैठक की जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने बताया कि बैठक में अलग-अलग सब को जिम्मेदारी दी गई है जो किसान सम्मेलन की तैयारी में लग जाएंगे। पूरे सम्मेलन का मॉनिटरिंग प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष मानस सिन्हा करेंगे। प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि नये कानून से देश की कृषि व्यवस्था का भी हाल देश की अर्थव्यवस्था की तरह हो जाएगा, आज जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेतृत्व वाली सरकार अपने कुछ सहयोगी पूंजीपति मित्रों को फायदा दिलाने में जुटे है और उसी कड़ी में कृषि को भी पूंजीवादी व्यवस्था के हाथों सुपुर्द करने का निर्णय लिया गया है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है और ऐसा होने से कृषि पर निर्भर देश की 80 प्रतिशत आबादी की हालात और खराब हो जाएगी। इसलिए कांग्रेस पार्टी इस साजिश को कभी सफल नहीं होने देगी। राहुल गांधी ने भी साफ किया है कि सत्ता में आते ही इस कानून को निरस्त कर दिया जाएगा।

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