October 21, 2020

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अभी और लगेगी चीन-पाकिस्तान को मिर्ची, बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के लिए भारत जारी रखेगा ऐसे काम

नई दिल्ली:- अटल टनल रोहतांग के लोकार्पण अवसर पर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अटल टनल हिमाचल प्रदेश के एक बड़े हिस्से के साथ-साथ नए केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की भी लाइफ लाइन बनने वाला है। पीएम मोदी ने शनिवार को अटल टनल का उद्घाटन करते हुए पाकिस्तान और चीन को यह संदेश साफ तौर दे दिया है। पीएम मोदी ने अटल टनल के उद्घाटन के बाद कहा कि बॉर्डर इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के लिए आगे भी ऐसे काम जारी रहेगा।
कई दौर की कूटनीतिक चर्चाओं के बाद भी भारत और चीन की सेनाओं के बीच लद्दाख में चल रहा तनाव खत्म नहीं हो पाया है। इस जारी तनाव के बीच पीएम मोदी के बयान के बड़े मायने हैं। दरअसल, चीन भारत से चिढ़ा ही इसलिए था क्योंकि हमने बॉर्डर पर निर्माण कार्य तेज कर दिए थे। अब पीएम के संदेश का मतलब है कि भारत अटल टनल की शानदार शुरुआत के बाद चीन और पाकिस्तान से सटे बॉर्डर इलाकों में सड़कों और टनल के नेटवर्क को और मजबूत करेगा।
चीन को लग गई थी मिर्ची
जानकारी के अनुसार बता दें की पिछले कुछ वक्त में भारत ने बॉर्डर पर अपनी तरफ निर्माण कार्यों को तेज किया है। इसमें सड़क निर्माण आदि का काम शामिल है। इससे ही चीन को मिर्ची लग गई थी। भारत द्वारा लद्दाख में दौलत बेग ओल्डी हवाई पट्टी को शुरू करने से भी चीन लाल था। फिर चीन ने भारत की जमीन कब्जाने की कोशिश की जिसे जवानों ने नाकाम कर दिया।
पीएम ने कहा कि सड़क बनाने का काम हो, फूल बनाने का काम हो, सुरंग बनाने का काम हो इतने बड़े स्तर पर देश में इन क्षेत्रों में पहले कभी काम नहीं हुआ। इसका बहुत बड़ा लाभ सामान्य जनों के साथ ही हमारे फौजी भाई बहनों को भी हो रहा है। सर्दी के मौसम में उन तक रसद पहुंचाना हो, उनकी रक्षा से जुड़े साजो सामान हो वह आसानी से पेट्रोलिंग कर सके।
मोदी ने कहा कि इसके लिए सड़कों का जाल बिछाया जा रहा। वन रैंक वन पेंशन को लेकर पहले की सरकारों ने लटकाए रखा। सिर्फ बातें ही की। कागजों में सिर्फ 500 करोड़ रुपए दिखा कर यह लोग कहते थे कि वन रैंक वन पेंशन लागू करेंगे। लेकिन इस वायदे को हमने पूरा किया। हिमाचल प्रदेश के करीब एक लाख फौजी साथियों को इसका लाभ मिला है।
बता दें कि मनाली से लेह के बीच की यह टनल 46 किलोमीटर के सफर को कम कर देगी, जिससे 4 से 5 घंटे बचेंगे। इसको शुरू करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र अटल ने शनिवार को कहा कि टनल की तरह कई और प्रोजेक्ट थे जिनका सामरिक महत्व, उनको पहले की सरकारों ने नजरअंदाज किया था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

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