October 21, 2020

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फ्रांस के राष्ट्रपति इम्मैन्युअल मैक्रों ने कहा, इस्लामिक अलगाववाद से निपटने एक बिल लाया जाएगा

पेरिस:- फ्रांस के राष्ट्रपति इम्मैन्युअल मैक्रों ने इस्लामिक अलगाववाद से लड़ने का फैसला किया। मैक्रों ने मुस्लिम समुदायों में इसके फैलना का खतरा बताया। मैक्रों का कहना है कि एक बिल अगले साल की शुरुआत में संसद में भेजा जाएगा जिसमें इस्लामिक अलगाववाद से निपटने का प्रावधान होगा। फ्रांस ने कई साल से इस्लामिक उग्रवाद का सामना किया है लेकिन मैक्रों सरकार मुस्लिम समुदायों में बढ़ते कट्टरवाद को लेकर चिंतित है। फ्रांस के अधिकारियों का कहना है कि आमतौर पर यह अहिंसक होता है। उन्होंने मुस्लिम पुरुषों के महिलाओं से हाथ मिलाने पर इनकार करने, महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग समय पर खुलने वाले स्विमिंग पूल, चार साल की उम्र की बच्चियों तक को चेहरा ढकने और मदरसों के विस्तार का उदाहरण दिया है।
मैक्रों ने कहा कि हमें इस्लामिक अलगाववाद से लड़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दिक्कत ऐसी विचारधारा है जो यह दावा करती है कि उसके कानून देश से ऊपर हैं। मैक्रों ने कहा कि फ्रांस में अरबी भाषा सिखाए जाने को प्रोत्साहित किए जाएगा और इंस्टिट्यूट ऑफ इस्लामॉलजी भी बनाया जाएगा। हालांकि, फ्रांस में विदेश मौलाना ट्रेनिंग नहीं दे सकते है।
खबरों के मुताबिक देश में पिछले पांच साल में इस्लामिक उग्रवाद या जिहादी गुटों से प्रभावित लोगों के हमलों में 250 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। वहीं, दो साल के अंदर फ्रांस में राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं।इसकारण मैक्रों विपक्ष को अपने ऊपर हमले का मौका नहीं देना चाहते हैं। दक्षिणपंथी और कन्जर्वेटिव पार्टियों ने अपराध और इमिग्रेशन पर कड़ा रुख अपना रखा है और वह धर्मनिरपेक्षता को लेकर देश में कड़े कानून चाहती हैं।

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