October 30, 2020

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हाथरस केस में गुत्थी उलझी, एडीजी बोले- पीड़िता की एमएलसी रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं

हाथरस:- यूपी के हाथरस कांड में अब रेप नहीं होने की रिपोर्ट को लेकर नया पेंच आ गया है। पुलिस ने अपने दावे में हाथरस पीड़िता के साथ गैंगरेप की बात से इनकार कर दिया था हालांकि अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट कुछ और ही कह रही है। 19 साल की दलित युवती की मेडिको लीगल इंवेस्टिगेशन (एमएलसी) में ‘ताकत के इस्तेमाल’ और ‘वैजाइना में पिनिट्रेशन’ के स्पष्ट संकेत हैं। यह रिपोर्ट एएमयू के जवाहरलाल मेडिकल कॉलेज (जेएनएमसी) के फरेंसिक एक्सपर्ट ने 22 सितंबर को तैयार की थी। बता दें कि 14 सितंबर की घटना के बाद पीड़िता दो हफ्ते तक यहीं भर्ती थी।
रिपोर्ट में ओपिनियन कॉलम में डॉक्टर ने लिखा है, ‘मेरा नजरिया है कि ताकत के इस्तेमाल के संकेत हैं। हालांकि, पिनिट्रेशन और इंटरकोर्स के संबंध में नजरिया एफएसएल रिपोर्ट की लंबित उपलब्धता के अधीन है।’ अस्पताल ने वैजाइना में पिनिट्रेशन मामले में अपना नजरिया सुरक्षित रखा था और मामले को जांच के लिए सरकारी फरेंसिक लैब भेज दिया था। दरसअल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रोटोकॉल के मुताबिक, ‘यौन हमले के पीड़ित के मेडिकल एग्जाम में डॉक्टर यौन अपराध का न ही खंडन करें और न ही पुष्टि।’ हालांकि रिपोर्ट के पेज नंबर 23 पर सेक्सुअल असॉल्ट फरेंसिक एग्जामिनेशन के तहत डीटेल ऑफ ऐक्ट में लिखा गया है कि वैजाइना में पिनिट्रेशन हुआ था लेकिन बावजूद इसके सीमन नहीं मिला। मेडिकल एग्जामिनेशन करने वाले डॉक्टरों ने कहा कि पीड़िता घटना के वक्त बेहोश थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि घटना के दौरान या बाद में दर्द भी हुआ था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पीड़िता ने जो जानकारी दी है उसके अनुसार, जब वह खेत में 9 बजे काम कर रही थी तो गांव के 4 लोगों ने उसका रेप किया। घटना के दौरान वह कई बार बेहोश हुई। पीड़िता ने जानकारी दी है कि उसका मुंह दबाया गया था और दुपट्टे से उसका गला घोंटा गया था। पीड़िता ने 22 सितंबर को मैजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराया था जिसमें उसने बताया था कि उसके साथ रेप हुआ। बयान के बाद पीड़िता के सैंपल फरेंसिक साइंस लैब आगरा भेजे गए थे। उत्तर प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी प्रशांत कुमार ने 1 अक्टूबर को दावा किया था कि हाथरस में 19 साल की दलित लड़की के साथ रेप नहीं हुआ था। अधिकारी का कहना था कि फरेंसिक रिपोर्ट ने लड़की के सैंपल में स्पर्म नहीं पाया है। दरअसल आगरा की एफएसएल ने अपनी रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं की थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर एडीजी ने बयान दिया था।

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