November 1, 2020

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हाथरस मामले की सीबीआई जांच गुमराह का तरीका : लल्लू

लखनऊ:- उत्तर प्रदेश कांग्रेस अजय कुमार लल्लू ने हाथरस मामले की सीबीआई जांच के आदेश को देश की जनता को इस संवेदनशील मसले से गुमराह करने का प्रयास करार दिया है। लल्लू ने रविवार को कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित एसआईटी की जांच पर किसी को भरोसा नहीं था और अब सीबीआई की जांच सिर्फ देश और प्रदेश की जनता को गुमराह करने का प्रयास भर है। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कल हाथरस के पीड़ित परिजनों से मुलाकात की थी। परिजन चाहते है कि घटना की न्यायिक जांच कराई जाए, ऐसे में कांग्रेस की मांग है कि सम्पूर्ण घटना की उच्चतम न्यायालय के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच करायी जाये। कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा‘मोना’ ने पत्रकारों से कहा कि राहुल और प्रियंका पीड़ित परिजनों से मुलाकात करने गये तो उन्होने पांच मांगें रखीं जिसमें घटना की न्यायिक जांच,डीएम की बर्खास्तगी शामिल है। परिवार जानना चाहता है कि बिना उनकी अनुमति के बेटी का शव रात्रि में क्याें जलाया गया। बार-बार पीड़ित परिवार को क्यों डराया धमकाया जा रहा है। मृतका के पिता ने कहा है कि उन्होने जो चिता जली है उससे वह फूल चुनकर लाये हैं लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि यह फूल उनकी ही बेटी के हैं या किसी और की। इन पांचों सवालों का जवाब प्रदेश के मुख्यमंत्री को देना ही होगा। लल्लू ने कहा कि यूपी महिला अपराधों में नम्बर एक है। हाथरस की बेटी न्याय के लिए गुहार लगा रही थी, इलाज के लिए विलख रही थी उसका परिवार न्याय के लिए सरकार से गुहार लगा रहा था पर निष्ठुर योगी सरकार उस बेटी को न्याय और चिकित्सा दे नहीं पायी उल्टे उस बेटी के लिए न्याय की लड़ाई लड़ने वाले लेागों का दमन करना शुरू कर दिया। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार जांच पर जांच और छोटी मोटी कार्यवाही करके जनता को गुमराह नहीं कर सकती। मैनपुरी की नवोदय विद्यालय की छात्रा हो, कानपुर में संजीत यादव,यूपीएससी की सीबीआई जांच कराये जाने की सिफारिश हो, यह सभी जांचें अभी तक केन्द्र में लम्बित है। इसलिए इस मामले की सुप्रीम कोर्ट के जज की देखरेख में न्यायिक जांच कराई जाए। बुलन्दशहर, बलरामपुर, हरदोई की बेटियों के साथ जो हुआ है वह पीड़ादायक है। आखिर यह सब कब तक चलता रहेगा। इस बीच गोरखपुर में हाथरस के डीएम की बर्खास्तगी को लेकर बड़ा मार्च निकाला गया। सोनभद्र, आजगढ़, मेरठ, सहारनपुर, गाजियाबाद, बरेली, मुरादाबाद, रामपुर, शाहजहांपुर, सीतापुर, लखीमपुरखीरी, हरदोई, बाराबंकी, बहराइच, गोण्डा, कुशीनगर, फैजाबाद, देवरिया, अम्बेडकरनगर, वाराणसी, बस्ती, झांसी, ललितपुर, महोबा, हमीरपुर, जालौन, कानपुर देहात सहित प्रदेश के सभी जिलों में व्यापक पैमाने पर प्रदर्शन किया गया।

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