October 30, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

आधी-आधी सीटों पर लड़ेगी बीजेपी और जदयू, लोजपा जेपी के लिए प्लान बी तैयार

भाजपा कर रही नई दिल्ली में लोक जनशक्ति पार्टी की बैठक के परिणाम की प्रतीक्षा

पटना:- बिहार विधानसभा चुनाव में एलजेपी पर जारी सस्पेंस के बीच एनडीए के दो अहम साझीदार भाजपा और जदयू में सीट-बंटवारे से संबंधित मुद्दों का लगभग समाधान कर लिया गया है। भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि अगर लोजपा गठबंधन से बाहर निकलने का फैसला करती है, तो पार्टी प्लान बी के साथ तैयार है। भाजपा पदाधिकारी ने कहा कि दोनों साझेदारों ने पहले चरण के लिए सीटों को अंतिम रूप दे दिया है और कुछ सीटों को लेकर गतिरोध बना हुआ है। भाजपा के दो बिहार प्रभारी महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस और राज्यसभा सांसद भूपेंद्र यादव नई दिल्ली में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में पार्टी अध्यक्ष को इस बारे में अवगत कराएंगे। एनडीए की बैठक में फडणवीस और यादव के अलावा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल, डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी और संगठनात्मक सचिव नागेंद्र ने प्रतिनिधित्व किया वहीं जदयू का प्रतिनिधित्व सांसद राज रंजन उर्फ लल्लन सिंह और आरसीपी सिंह, स्पीकर विजय कुमार चौधरी और मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने किया। हालाँकि लोक जन शक्ति पार्टी का एनडीए में मौजूदगी पर संदेह बरकरार है। लोजपा ने 147 सीटों पर लड़ने का इशारा किया है।
इस संबंध में जदयू के एक नेता ने कहा कि सीट-बंटवारे को लेकर अंतिम समय में गठबंधन के साझेदारों के बीच मनमुटाव तेज हो गया है। इसकी वजह से 12 अधिक सीटों के बंटवारे का काम अटका पड़ा है। इनमें वो सीट भी है जो राजद की गढ़ मानी जाती हैं।
लोजपा ने अपनी पसंद की सीटों के साथ-साथ जदयू और भाजपा के गढ़ माने जाने वाली कुछ सीटों की भी मांग की है। इस संबंध में भाजपा के वरिष्ठ नेता ने बताया कि हम नई दिल्ली में लोजपा की बैठक के परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वहीं जदयू के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पार्टी का गठबंधन केवल भाजपा के साथ है, यह भाजपा को तय करना है कि वह लोजपा को कितनी सीटें देना चाहती है। जहां तक जदयू का संबंध है हम मांझी की हम पार्टी को समायोजित कर रहे हैं। भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि अगर लोजपा गठबंधन से बाहर निकलने का फैसला करती है, तो पार्टी प्लान बी के साथ तैयार है। लोजपा धमकी दे रही है कि अगर उसकी 42 सीटों की मांग पूरी नहीं हुई तो वह एनडीए से अलग हो जाएगी और जदयू के खिलाफ चुनाव लड़ेगी।

Recent Posts

%d bloggers like this: