October 28, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

जापान ने सैन्य बजट में की रेकॉर्ड वृद्धि, 52 अरब डॉलर से मजबूत करेगा ताकत

टोक्यो:- दूसरे विश्व युद्ध में पराजय झेल चुके जापान ने निर्णय किया था कि वह अपने हथियारों का उपयोग केवल आत्मरक्षा में करेगा। लेकिन, हाल के वर्षों में जापान के नेताओं, खासकर पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने देश को इस रुख से बाहर निकालने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए। चीन के आक्रामक होते रुख की वजह से जापान को यह करने के लिए वजह भी मिलती गई। अब जापान की सेना ने रेकॉर्ड 52 अरब डॉलर का बजट मांगा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जापान के बदलते रवैये की वजह से अमेरिका को भी चीन और रूस के खिलाफ लड़ने के लिए उसमें एक मजबूत साथी दिखने लगा है। जापान की सेना ने अप्रैल 2021 से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए 52 अरब डॉलर का रक्षा बजट तैयार किया है। लगातार 9 साल तक सेना ने रक्षा बजट में इजाफा जारी रखा है। चीन और उत्तर कोरिया से मिलने वाली चुनौती के बढ़ने के साथ ही सेना ने यह तैयारी शुरू कर दी है। जापान को चीन की विशाल सैन्यशक्ति के साथ-साथ उत्तर कोरिया से भी चिंता रहती है। प्योंगयांग ने हाल के सालों में परमाणु परीक्षण बढ़ा दिया है। कई मिसाइलों का भी परीक्षण कोरिया ने किया है और इन घातक हथियारों में से कई जापान के ऊपर से भी होकर गुजरे हैं।
जापान ने नए बजट में दो फ्रीगेट और एक पनडुब्बी खरीदने के लिए यह बजट मांगा है। देश की सेना अगली पीढ़ी के फाइटर जेट का विकास कर रही है। खास बात यह है कि इस बजट में जापान ने अमेरिका की विकसित की हुई एजिज एश्योर मिसाइल इंटरसेप्शन सिस्टम को शामिल नहीं किया है। जापान सेल्फ-डिफेंस फोर्स ने 540 कर्मियों के साथ नई साइबर यूनिट स्थापित करने का फैसला किया है। वहीं, स्पेस यूनिट में 70 कर्मियों की जगह होगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि जापान अब अपनी जमीन और हजारों टापुओं की रक्षा कर सकता है, चुनौती का जवाब दे सकता है, वैश्विक समुद्रीय गलियारों पर नजर भी रख सकता है। रूस पहले जर्मनी की सैन्यशक्ति के हाथों पीड़ित हो चुका है। रूस और चीन दोनों जापान की सैन्य विचारधारा के हाथों भारी नुकसान भुगत चुके हैं। आबे की नीति जापान की अर्थव्यवस्था को तेज करने के साथ शक्तिशाली विदेश नीति बनाने की भी रही। इसमें एक बड़ी चुनौती चीन से मिल रही है जिसने ईस्ट चाइना सी में जापान को परेशान कर रखा है। आबे ने 2018 में ही 10 साल के लिए डिफेंस प्लान रिलीज कर दिया था। इसमें सबसे चर्चित रहा था इजमो हेलिकॉप्टर कैरियर को एयरक्राफ्ट कैरियर में तब्दील करने का फैसला। इसके साथ ही दूसरे विश्व युद्ध के बाद देश को ऐसा पहला जहाज मिला था। इसके 5 साल बाद तक देश ने 240 अरब डॉलर सेल्फ-डिफेंस फोर्स पर खर्च किए और देश का रक्षा बजट बढ़ता ही रहा। पुराने फाइटर जेट्स की जगह नए खरीदे जाने लगे। ये तैयारी बाद में जापान की आत्मरक्षा से ज्यादा उसके शक्तिप्रदर्शन का जरिया थी।

Recent Posts

%d bloggers like this: