October 25, 2020

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सारण बांध टूटने से आई बाढ़ ने तबाही मचा दी, खाने के राशन के लिए मोहताज ग्रामीण

गोपालगंज:- एक बार जिले में दो जगह बरौली के देवापुर और बैकुंठपुर के पकहा में सारण बांध टूटने से आई बाढ़ ने तबाही मचा दी है।करीब डेढ़ सौ गांव दोबारा बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।यहां सबसे ज्यादा तबाही बैकुंठपुर प्रखंड के फैजुल्लाहपुर, हमीदपुर, जगदीशपुर गम्हारी सहित कई पंचायतों में बाढ़ ने तबाही मचा दी है।हालत यह है कि राजापट्टीकोठी से बलहा होकर हाल में ही बनी बंगरा घाट महासेतु जाने वाली मुख्य सडक पर बाढ़ के पानी का बहाव तेजी से हो गया है। लोग जान जोखिम में डाल कर आवागमन को मजबूर हैं।
गौरतलब है कि पिछले 24 जुलाई से ही बाढ़ पीडितों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।गंडक पर बने सारण बांध और छरकी का मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद कुछ दिनों तक यहां राहत जरूर मिली थी, लेकिन एक सप्ताह पूर्व हुई भारी बारिश ने लाखों लोगों को एक बार फिर बाढ़ की त्रासदी झेलने को मजबूर कर दिया है।बता दें कि नेपाल में भारी बारिश के बाद वाल्मीकि नगर बराज से साढ़े चार लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था।जिसके बाद मरम्मत हुए बांध दो जगहों पर टूट गए। इस बांध के टूटने से अब बरौली और बैकुंठपुर में दर्जनों पंचायतो की सैकड़ो गांव बाढ़ की चपेट में हैं। जिसकी वजह से लाखों लोगों को दोबारा बाढ़ की त्रासदी से जूझना पड़ रहा है।
बैकुंठपुर के बेलहा गांव के बाढ़ पीड़ित के मुताबिक वे अपने घरो में वापस लौट गए थे।लेकिन दोबारा बांध टूटने के बाद वे दोबारा पूर्व के हालात में लौट आए हैं। जिधर देखो उधर केवल पानी ही पानी नजर आ रहा है।नतीजा यह हो गया है कि जो बाढ़ पीड़ित तम्बू से लौटे कर अपने घर आये थे। बाढ़ पीड़ित के मुताबिक पहले बाढ़ के पानी ख़त्म होने से कुछ निजात मिली थी, लेकिन दोबारा आई बाढ़ से घर के सभी राशन ख़राब हो गए हैं।ये लोग खाने के लिए दाने-दाने का मोहताज हैं।इन्हें जिला प्रशासन से अभी तक कोई सहायता और राहत सामग्री नहीं मिली है।

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