October 25, 2020

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कांग्रेस नेता आरपीएन ने कहा, न्यूनतम समर्थन मूल्य ही हटा दिया जाएगा,तब मंडियों का क्या अर्थ रह जायेगा

रांची:- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आरपीएन सिंह ने कहा कि केंद्र द्वारा लाए गए कृषि कानूनों में न्यूनतम समर्थन मूल्य का प्रावधान नहीं है। कांग्रेस के झारखंड प्रभारी आरपीएन सिंह ने स्वीकार किया कि पार्टी ने लोकसभा चुनाव 2019 में अपने घोषणा पत्र में किसानों से जुड़े खंड सात में अधिनियम को देश से हटाने का वादा किया था, लेकिन उसका अलग संदर्भ था। उन्होंने आरोप लगाया कि केन्द्र किसानों को उनकी फसलों के लिए दिए जाने वाले न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था को समाप्त कर देगी, क्योंकि इसका कोई कानूनी आधार नहीं है। इसकारण कांग्रेस संसद में हाल में पारित नए कृषि कानून में न्यूनतम समर्थन मूल्य के बिंदु को शामिल करवाना चाहती है। सिंह ने सवाल उठाया,जब न्यूनतम समर्थन मूल्य ही हटा दिया जाएगा, तब मंडियों का क्या अर्थ रह जायेगा? यह पूछे जाने पर कि केन्द्र सरकार ने पिछले सप्ताह ही गेहूं, धान आदि के न्यूनतम समर्थन मूल्य तो घोषित किए हैं,इसकारण उन्हें इस व्यवस्था के बंद होने की क्यों आशंका है, सिंह ने कहा,न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था लागू रखने के लिए कोई कानूनी आधार नहीं है।

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