October 29, 2020

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सीटों के बंटवारे पर एनडीए व महागठबंधन में मतभेद, अकेले चुनाव मैदान में सकती है लोजपा व कांग्रेस

पटना:- बिहार विधानसभा चुनाव के लिए तारीखों की घोषणा हो चुकी है, लेकिन एनडीए में सीटों को लेकर अभी भी पेंच फंसा हुआ है। सूत्रों के अनुसार भाजपा और जेडीयू में इस बात को लेकर नूरा-कुश्ती चल रही है कि कौन पार्टी ज्यादा से ज्यादा सीटें अपने पाले में कर सके। दूसरी तरफ लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) नेता चिराग पासवान की 143 सीट पर अकेले चुनाव लड़ने की राजनीति ने भी एनडीए के लिए मुश्किल बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार भाजपा और जेडीयू के बीच सीट बंटवारे को लेकर 50:50 के फॉर्मूले पर सहमति बन सकती है। 2019 लोकसभा चुनाव के फॉर्मूले को अपनाते हुए 2020 विधानसभा चुनाव में भी भाजपा और जेडीयू के बीच सीटों का बंटवारा बराबरी का हो सकता है। 2019 लोकसभा चुनाव में भाजपा और जेडीयू 17-17 सीटों पर चुनाव लड़े थे। इसी फॉर्मूले को अपनाते हुए आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में भी दोनों दलों के बीच सीटों का बंटवारा बराबरी का हो सकता है। एलजेपी को 6 सीटें दी गई थीं। खबर है कि एनडीए में लोजपा को जितनी सीट दी जा रही हैं, उसको लेकर पार्टी नाराज है। दिल्ली में लोजपा के सांसदों और पार्टी पदाधिकारियों की बैठकों का दौर जारी है। लोजपा एनडीए में रहने या नहीं रहने को लेकर जल्द स्थिति साफ करने वाली है। सूत्रों के मुताबिक, अगर लोजपा, एनडीए से अलग होती है तो 143 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान पर फैसला छोड़ा गया है। लोजपा भाजपा की ओर से दिए गए प्रस्ताव पर विचार कर रही है। उधर, लोजपा के प्रस्ताव पर भाजपा में भी मंथन चल रहा है। अगर सहमति नहीं बनी, तो लोजपा, एनडीए से नाता तोड़ सकती है। महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर पहले ही फूट पड़ चुकी है। आरएलएसपी ने भी शुभ संकेत नहीं दिए है। आरएलएसपी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा पाला बदलकर एनडीए का हिस्सा बन सकते हैं। इधर, सूत्रों के मुताबिक, राजद ने कांग्रेस को 60 विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट का ऑफर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, इस ऑफर से कांगेस नाराज है। कांग्रेस ने बिहार में अकेले चुनाव लड़ने संकेत दिए हैं। कांग्रेस सीटों को लेकर जिलाध्यक्षों के साथ विचार-विमर्श कर रही है। सभी सीटों की तैयारियों का फीडबैक लिया गया है।

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