October 29, 2020

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बिहार विधानसभा को लेकर राजनीतिक सरगर्मी के बीच सीता सोरेन ने लालू प्रसाद से मुलाकात की

20मिनट तक बातचीत कर बाहर निकली सीता सोरेन ने राजनीतिक चर्चा से इनकार किया

रांची:- झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) विधयक सीता सोरेन ने शनिवार को रांची के रिम्स निदेशक के केली बंगले में इलाजरत राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की। बताया गया है कि इस मुलाकात के दौरान बिहार विधानसभा चुनाव और झारखंड में दो विधानसभा सीटों दुमका तथा बेरमो विधानसभा के लिए होने वाले उपचुनाव पर भी चर्चा हुई। शिबू सोरेन की बड़ी पुत्रवधु सीता सोरेन की लालू प्रसाद से मुलाकात को राजनीतिक दृष्टिकोण से काफी अहम माना जा रहा है।
आरजेपी सुप्रीमो लालू प्रसाद से करीब 20 मिनट तक मुलाकात के बाद बाहर निकली सीता सोरेन ने कहा कि वह सिर्फ लालू यादव का हाल जानने के लिए आई थीं। उनसे जब यह पूछा गया कि शुक्रवार को बिहार में चुनाव की घोषणा हुई है तो क्या बिहार के राजनीतिक समीकरण पर लालू यादव से किसी बात को लेकर चर्चा हुई है? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ऐसी कोई राजनीतिक बात नहीं हुई है। यह पूछे जाने पर कि क्या बिहार चुनाव में आप प्रचार करने के लिए जाएंगी? इस पर उन्होंने कहा कि अगर मौका मिलेगा तो जरूर चुनाव प्रचार करने के लिए जाएंगी।बता दें कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भाभी हैं। लालू प्रसाद से उनके इस मुलाकात के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सीता सोरेन ने प्रत्यक्ष तौर पर ही इसे सिर्फ औपचारिक मुलाकात बताया और राजनीति पर चर्चा नहीं होने की बात की, लेकिन बिहार में चुनावी माहौल के बीच दो राजनेताओं के बीच राजनीतिक चर्चा नहीं होगी, यह संभव नहीं है। जेएमएम ने भी बिहार से सटे कुछ सीटों पर चुनाव लड़ने की दावेदारी की है, वैसे में सीता सोरेन और लालू प्रसाद के बीच हुई मुलाकात को लेकर काफी अहम माना जा रहा है। दूसरी तरफ सीता सोरेन ने जिस तरह से पार्टी के कुछ नेताओं के खिलाफ खुलकर हमला बोला है और संगठन को हाईजैक करने का आरोप लगाया है, वैसी स्थिति में लालू प्रसाद से उनकी मुलाकात को काफी मायने रखता है। इस मुलाकात के दौरान सीता सोरेन ने अपनी वस्तु स्थिति आरजेडी सुप्रीमो के समक्ष स्पष्ट की है और उनसे भविष्य की राजनीति को लेकर मार्गदर्शन मांगा है।
इधर, सीता सोरेन ने शनिवार को ट्वीट कर अपनी ही एक बार अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा है। सीता सोरेन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को यह जानकारी दी है कि पंचायत सचिव अभ्यर्थी के वेकैंसी से हजारों युवाओं, छात्र-छात्राओं का भविष्य जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय ने भी स्पष्ट कर दिया है कि इनकी वैकेंसी में कोई रोक नहीं है, इसलिए राज्य सरकार झारखंड राज्य कर्मचारी आयोग, जेएसएससी को नियुक्ति का आदेश दे या सरकार अपना रुख स्पष्ट करें।इससे पहले भी सीता सोरेन ने ट्वीट कर कहा था कि पार्टी ने झारखंड की महिलाओं को 50 प्रतिशत नौकरी में आरक्षण देने की बात कही है, अब वक्त आ गया है कि उस वादे को पूरा किया जाए। पंचायत सचिव की अभ्यर्थी बच्चियां चुनाव पूर्व किये गये वादे से काफी उम्मीद और आश लगाये बैठे हैं।

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