October 23, 2020

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सीपीआई (एम) और राजद ने कृषि बिल का किया विरोध

रांची:- केंद्र सरकार के कृषि बिल के विरोध में शुक्रवार को झारखंड राजद और सीपीआई (एम) ने धरना प्रदर्शन किया। राजधानी के अलबर्ट एक्का चौक पर जुटे भाकपा माले के नेताओं ने कहा कि विधेयक से किसान अपने उपज को बड़ी कंपनियों को औने-पौने दाम में बेचने को विवश होंगे। जब देश का किसान विवश होगा तो पूरा देश भुखमरी का शिकार होगा। वहीं राजद नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार के काले कानून के खिलाफ पूरे देश के विपक्षी दल एक हैं और हम भी विपक्षी दलों के साथ हैं। अलबर्ट एक्का चौक पर जुटे भाकपा माले के नेताओं ने एकजुट होकर सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में, वक्त आने पर बता देंगे ए आसमा, हम अभी से क्या बताएं क्या हमारे दिल में है। किसान हितों का हनन हुआ तो खून बहेगा सड़कों पे। जुल्मी जब-जब जुल्म करेगा, सत्ता के हथियारों से, चप्पा चप्पा गूंज उठेगा इंकलाबों के नारों से। सीपीआई (एम) के नेता भुवनेश्वर केवट ने कहा कि केंद्र सरकार जो कृषि विधेयक लाई है, ये किसानों के हितों से ज्यादा कॉरपोरेट घरानों के हितों का ख्याल रखकर बनाया गया है। बिल लागू हो जाने से किसानों के हाथों से खेती करने का अधिकार छिन जाएगा। सत्ताधारी दल और केंद्र सरकार के कृषि मंत्री जो तर्क देते हैं कि इस विधेयक से किसानों का फायदा होगा। हमारा कहना है कि इस विधेयक से किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएंगे। बड़ी कंपनियों को अपनी उपज औने-पौने दाम में बेचने को विवश होंगे। जब देश का किसान मजबूर होगा तो पूरा देश भुखमरी का शिकार होगा।सीपीआई (एम) के नेता ने कहा कि कृषि बिल के विरोध में हम किसान दल और वाम दल रांची के अलबर्ट एक्का चौक पर पहुंचे हैं। हमारा विरोध करने का मकसद है कि केंद्र सरकार काला कानून को वापस ले। पिछले दिनों भी केंद्र सरकार ने भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल पास किया था जिसे दबाव में वापस लेना पड़ा था। जबतक काला बिल वापस नहीं होगा, हम इसी तरह सड़कों पर आंदोलन करते रहेंगे। राजद नेता अनीता यादव ने कहा कि केंद्र सरकार के काले कानून के खिलाफ पूरे देश में विपक्षी दल विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जब तक ये बिल वापस नहीं हो जाता, हर विपक्षी दल प्रदर्शन करता रहेगा और हम विपक्षी दलों के साथ हैं, किसानों के साथ हैं।

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