October 25, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

बारिश से कई इलाकों में फ्लैश फ्लड का खतरा मंडराया

झमाझम बारिश से अच्छी पैदावार की भी आस जगी

राँची:- झारखंड के के अनेक हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी है । कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा भी दर्ज हुई है ,जिससे इन इलाकों में सामान्य जन जीवन पर असर पडा है निचले इलाकों में तो फ्लैश फ्लड का खतरा भी मंडरा रहा है राहत की बात यह है की लगातार हो रही झमाझम बारिश से अच्छी पैदावार की भी आस जगी है। गोड्डा जिले में लगातार तीन दिनों से रुक-रुक रुक कर हल्की और कभी जोरदार बारिश हो रही है। इस कारण गोड्डा मुख्यालय से लगभग 65 किलोमीटर दूर मेहरमा और ठाकुर ठाकुरगंगटी प्रखंडों के दर्जनों गांव में फ्लैश फ्लड का खतरा मंडरा रहा है। राजमहल की पहाड़ियों से निकली नदियां- कौवा नदी, बनियाडीह नदी ,धूलिया नदी तेज़ धार से पानी बह रहा है। इन पहाड़ी नदियों में जोरदार बहाव के कारण मेहरमा और ठाकुरगंगटी प्रखंडों के दर्जनों गांवों में पानी आ गया है और लोग सूखे की तलाश में इधर उधर जा रहे हैं। बारिश से परेशान हाल लोगों की मदद के लिए प्रशासनिक महकमा भी हरकत में आया है। मेहरमा के बी डी ओ कुमार अभिषेक सिंह और सीओ खगेन महतो ने कहा कि स्थिति का जायजा लिया जा रहा है ।उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों के वास्ते सूखा राशन बनवाने की व्यवस्था की जा रही है। बताया गया है कि इस क्षेत्र में पिछले 5 वर्षों से सूखा पड़ता आ रहा था। इस साल अच्छी बारिश के कारण धान की बंपर फसल होने की संभावना है। इलाके में हालांकि फ्लैश फ्लड ज़रूर आया है लेकिन फिर भी लोगों के चेहरों पर खुशी है क्योंकि इस फ्लैश फ्लड से फसल को कोई खास नुकसान पहुँचने की संभावना नहीं है। इधर साहिबगंज जिले में भी पिछले 2 दिनों से हो रही झमाझम बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर सड़कों पर जलजमाव होने के कारण आवागमन पर भी असर पड़ा है । गुमानी नदी का पानी आसपास के बरहडवा प्रखंड के 4 गांव में फैल जाने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले 24 घंटे में साहिबगंज जिले में 102 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है । जो इस मानसून की सबसे ज्यादा बारिश है। इस बीच साहिबगंज जिला कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ अमृत कुमार झा ने बताया है कि साहिबगंज जिले में अच्छी बारिश से इस बार धान की बंपर पैदावार होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र किसानों को बेहतर खेती के लिए तकनीकी सहयोग दे रहा है। राज्य पर इस बार दक्षिणी पश्चिमी मानसून कुछ ज्यादा ही मेहरबान रहा है । वापसी की मोड़ पर खड़ा मानसून जाते जाते भी अपनी बौछारों से राज्य को सराबोर करता जा रहा है , कुछ वक्ती दुश्वारियों को छोड़ दिया जाए तो मानसून की बारिश से खेती किसानी को ज़रूर फायदा होने जा रहा है।

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