October 22, 2020

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बेलहर सीट पर आरजेडी-जेडीयू के बीच देखने को मिलेगी कांटे की टक्कर

2000 से खम ठोक रही है आरजेडी, लेकिन जेडीयू का भी बढ़ रहा है जनाधार

बेलहर:- बिहार के बांका जिले की बेलहर विधानसभा सीट 1962 में अस्तित्व में आई थी। यहां पहले चुनाव में कांग्रेस को जीत मिली। हाल के चुनाव में जेडीयू और आरजेडी के बीच मुकाबला देखने को मिला है। 2015 के चुनाव में जेडीयू के गिरिधारी यादव ने जीत हासिल की। गिरिधारी ने 2019 में लोकसभा चुनाव का लड़ा और उन्हें इसमें जीत मिली। इसके बाद यहां उपचुनाव में गिरिधारी यादव के भाई लालधारी यादव को आरजेडी के रामदेव यादव के हाथों हार का सामना करना पड़ा। बेलहर विधानसभा क्षेत्र में चंदन, फुल्लीडुमर और बेलहर सामुदायिक विकास खंड शामिल हैं। 1972 में कांगेस की शकुंतला देवा विधायक बनीं। 1977 में कांगेस को यहां हार मिली। इसके बाद 1985 में कांग्रेस ने यहां पर वापसी की।
बेलहर में 2000 में पहली बार रामदेव यादव के दम पर आरजेडी का यहां खाता खुला। इसके अगले चुनाव में भी उन्हें जीत मिली। 2010 और 2015 के चुनाव में भी जेडीयू को जीत मिली। गिरिधारी यादव यहां से दोनों बार जीतने में सफल रहे। यानी जेडीयू अपनी पकड़ यहां पर मजबूत करती जा रही है। 2011 की जनगणना के अनुसार बेलहर की जनसंख्या 458604 है। अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) का अनुपात कुल जनसंख्या में से क्रमशः 13.43 और 7.79 है। 2019 की मतदाता सूची के अनुसार, इस निर्वाचन क्षेत्र में 302867 मतदाता और 329 मतदान केंद्र हैं। बेलहर में 2015 में हुए विधानसभा के चुनाव में 289906 वोटर्स थे। इसमें से 53.3 फीसदी पुरुष और 46.7 फीसदी महिला वोटर्स थीं। बेलहर में 158065 लोगों ने वोटिंग की थी। यहां पर 54 फीसदी मतदान हुआ था। इस चुनाव में जेडीयू के गिरिधारी यादव ने बीजेपी के मनोज यादव को मात दी थी। गिरिधारी को 70348 (44।59 फीसदी) और मनोज यादव को 54157 (34।32 फीसदी) वोट मिले थे। गिरिधारी ने मनोज यादव को 15 हजार से ज्यादा वोटों से मात दी थी। 2015 का विधानसभा चुनाव जीतने वाले गिरिधारी यादव ने 2019 में लोकसभा चुनाव लड़ा और उन्होंने जीत भी हासिल की। इसके बाद ये सीट रिक्त हो गई। पिछले साल यहां पर उपचुनाव में आरजेडी ने बाजी मारी। आरजेडी के रामदेव यादव विजयी रहे।

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